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जिले में कई पद खाली, बावजूद दूसरे जिले में दे दिया पदस्थापन

Banswara
जिले में कई पद खाली, बावजूद दूसरे जिले में दे दिया पदस्थापन
@HelloBanswara - Banswara -

माननीय न्यायालय के आदेशानुसार संस्कृत शिक्षा विभाग के अधिशेष शिक्षकों के स्थानांतरण की सूची सोमवार को विभाग द्वारा जारी की गई। जिसमें गड़बडिय़ां होने की बात सामने आ रही है। शिक्षकों का आरोप है कि विभाग द्वारा मनमर्जी से अनियमित पदस्थापन जारी कर प्रताड़ित किया जा रहा है। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय में रोष व्याप्त हैं।
संगठन का कहना है कि कोर्ट के निर्णयानुसार अधिशेष हो रहे शिक्षकों को रिक्त पद वाले विद्यालयों में पदस्थापित करना था। लेकिन विभाग द्वारा जिन विद्यालयों में शिक्षक अधिशेष हैं एवं उनका वेतन दूसरे स्कूलों में बन रहा है। उन्हें अधिशेष नहीं मानते हुए यथावत रहने दिया और उनके स्थान पर जूनियर व परिवीक्षा काल में कार्यरत शिक्षकों का स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए। इसके अलावा कतिपय शिक्षकों का विषय बदलकर स्थानान्तरण किया गया। जिलाध्यक्ष गमीरचंद पाटीदार ने बताया कि एक ही लेवल व विषय के अध्यापक का स्थानांतरण डूंगरपुर किया गया तथा उसी लेवल व विषय के डूंगरपुर जिले के शिक्षक का स्थानांतरण बांसवाड़ा में रिक्त पद पर कर दिया। जबकि विभाग बांसवाड़ा जिले के शिक्षकों को बांसवाड़ा जिले में एवं डूंगरपुर जिले के शिक्षकों को डूंगरपुर के रिक्त पदों पर स्थानान्तरण कर सकता था। संगठन ने मुख्यमंत्री एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर ऐसे समस्त अनियमित आदेशों को निरस्त कर काउंसिलिंग के जरिये पदस्थापन जारी करने की मांग की है। मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान गोपेश उपाध्याय, दिनेश मईड़ा, कमल सिंह सोलंकी, दिलीप पाठक, मयूर जोशी, सतीश व्यास, राजेंद्र सेवक, रणछोड़ पाटीदार, रमेश व्यास, रमेश पाटीदार,ओमप्रकाश त्रिवेदी मौजूद रहे।

प्रोबेशन काल में ही कर दिया ट्रांसफर : गमीरचंद पाटीदार ने बताया कि विशाल कलाल जो कि राउप्रावि संस्कृत तलवाड़ा में लेवल 1 सामान्य के पद पर कार्यरत हैं। जो कि परिवीक्षा काल में कार्यरत हैं। कलाल के प्रथम नियुक्ति आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि प्रथम पदस्थापन स्थान से तीन वर्ष तक अन्यत्र स्थानान्तरण पर प्रतिबंध रहेगा। राउप्रा संस्कृत विद्यालय तलवाड़ा में 2 अध्यापक पूर्व में ही अधिशेष चल रहे हैं । इन दोनों वरिष्ठतम अध्यापकों का स्थानांतरण नहीं कर विशाल कलाल का स्थानान्तरण विषय बदलकर सामान्य विषय के स्थान पर संस्कृत विषय बदलते हुए जिला डूंगरपुर में कर दिया। इसी प्रकार नैना यादव संस्कृत स्कूल पांडवा डूंगरपुर से बांसवाड़ा कर दिया। जब बांसवाड़ा में पद रिक्त था तो बांसवाड़ा के शिक्षक को ही उस पद पर समायोजित करना था। बापूलाल कटारा को राप्रावि संस्कृत धंबोला डूंगरपुर से राउप्रावि संस्कृत काली का पारड़ा लगाया गया। पाटीदार ने बताया कि राउप्रावि संस्कृत नई बस्ती लोधा में भी शिक्षक अधिशेष हैं फिर भी कनिष्ठतम दीपिका पंड्या का स्थानान्तरण नागदा छोटी में किया गया।

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