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मरीजों का बढ़ा दर्द; ईएसआईसी से मॉडल अस्पताल उदयपुर ही भेज सकेंगे, निजी अस्पताल के लिए भी वहीं से हो सकेंगे रेफर

Banswara
मरीजों का बढ़ा दर्द; ईएसआईसी से मॉडल अस्पताल उदयपुर ही भेज सकेंगे, निजी अस्पताल के लिए भी वहीं से हो सकेंगे रेफर
@HelloBanswara - Banswara -

प्रशांत जोशी

ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) से संबद्ध निजी क्षेत्रों में कार्यरत 25 हजार कर्मचारी और उनके एक लाख परिवारजन लाभार्थियों को उपचार करवाने में लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह कर्मचारी राज्य बीमा निगम, नई दिल्ली द्वारा जारी किया गया नया आदेश है।

इसके अनुसार अब बांसवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित ईएसआईसी अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर संबद्ध कर्मचारी को किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं कर सकेंगे। अब सीजीएचएस अर्थात सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी बीमार होने पर उपचार करवाने के लिए लंबी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी। पहले तो बांसवाड़ा के ईएसआईसी अस्पताल से गंभीर रोगी को सीधे ही उदयपुर के बड़े निजी हॉस्पिटल में उपचार करवाने, ऑपरेशन करवाने के लिए रेफर कर दिया जाता था। अब इन कर्मचारियों को बांसवाड़ा स्थित ईएसआईसी अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर से रेफर पर्ची और कागजात बनवाकर उदयपुर स्थित मॉडल ईएसआईसी हॉस्पिटल रेफर होना पड़ रहा है।

तब वहां के प्रभारी डॉक्टर द्वारा उन्हें किसी दूसरे हॉस्पिटल के लिए रेफर किया जा सकता है। वहीं इसमें ये भी दिक्कतें हैं कि मरीज को बार-बार उपचार करवाने के लिए बार-बार पंजीयन करवा कर रेफर की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। ये शर्त प्लांड ऑपरेशन या उपचार प्रक्रिया के लिए निर्धारित की गई है। अभी बांसवाड़ा और उदयपुर के अस्पताल में दवाइयों की काफी कमी है। इसके चलते रोगियों को बाजार दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। जबकि ईएसआईसी के अस्पताल में रोगियों को दवाइयां निशुल्क दी जाती हैं। बांसवाड़ा से उदयपुर ईएसआईसी अस्पताल जाकर उपचार करवाने वाले मरीजों को सिर्फ दर्दनिवारक जेल ही मिल पाई और शेष दवाइयों के लिए उन्हें खुद के रुपए खर्च कर दवाइयां खरीदनी पड़ीं। नए आदेश आने से पहले जनवरी से 1 सितंबर 2023 तक बांसवाड़ा से उदयपुर ईएसआईसी मॉडल हॉस्पिटल में 133 मरीज रेफर किए गए थे, लेकिन सितंबर को आदेश जारी होने के बाद बांसवाड़ा से उदयपुर ईएसआईसी हॉस्पिटल के लिए एक भी मरीज रेफर नहीं किया गया है।

वहीं नया आदेश गंभीर बीमार रोगियों के मुसीबत बन चुका है क्योंकि रेफर की प्रक्रिया में बांसवाड़ा से उदयपुर पहुंचकर वहां पर कागजी कार्रवाई करने में देरी पर कई बार गंभीर रोगी की हालत और बिगड़ने का खतरा बना रहता है।

अगर बांसवाड़ा में किसी अस्पताल से टाईअप है तो हम वहां सुविधा कर सकते हैं। लेकिन ईएसआईसी का उदयपुर में भी सेटअप है, मरीज सीधे ही वहां पहुंच कर मनचाहे अस्पताल में उपचार की सुविधा ले सकते हैं। बांसवाड़ा में कैंसर रोग के उपचार की सुविधा नहीं है, ऐसे में संबंधित रोगी उदयपुर, जयपुर के अलावा गुजरात के ईएसआईसी से टाईअप संबंधित मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में उपचार करवा सकता है। - अशोक रावत, रीजनल डायरेक्टर ईएसआईसी राजस्थान ईएसआईसी हॉस्पिटल।

पहले बांसवाड़ा स्थित ईएसआईसी अस्पताल से रोगियों को सीधे ही रेफर करने की सुविधा थी, लेकिन अब ईएसआईसी के उच्चाधिकारी के नए आदेश आ गए हैं। जिससे पहले बांसवाड़ा ईएसआईसी अस्पताल से उदयपुर स्थित ईएसआईसी के अस्पताल रेफर करना होगा। जहां से कागजी कार्यवाही के बाद रोगी को वहां के डॉक्टर द्वारा दूसरे अस्पताल में रेफर कर भेजा जाएगा। - डॉ. जयभूषण भट्‌ट, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ईएसआईसी हॉस्पिटल बांसवाड़ा

ईएसआईसी हॉस्पिटल औद्योगिक क्षेत्र बांसवाड़ा में पिछले कुछ समय से आठ वर्षीय आकाश पुत्र अमरेंद्र ब्लड कैंसर से पीड़ित होने से उपचार के लिए आ रहा है। ऐसे में उसे प्रत्येक 15 दिनों में बांसवाड़ा से रेफर होकर उदयपुर मॉडल ईएसआईसी हॉस्पिटल जाना पड़ता है। जहां से उसे फिर से रेफर की प्रक्रिया पूरी कर कीमो थैरेपी के लिए मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जाने की मशक्कत करनी पड़ती है।

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