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बारिश नहीं होने से सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान:हवा में आर्द्रता 30% कम हुई तो 3 दिन में सूख जाएगी, 70 हैक्टेयर में की बुवाई

Banswara
बारिश नहीं होने से सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान:हवा में आर्द्रता 30% कम हुई तो 3 दिन में सूख जाएगी, 70 हैक्टेयर में की बुवाई
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बांसवाड़ा जिले में 72 हजार हैक्टेयर में सोयाबीन की फसल की बुवाई हुई है। जानकारों का कहना है कि वर्तमान में जमीन में नमी कम हो गई है। यदि तेज धूप निकले और हवा में आर्द्रता 30 प्रतिशत से कम हो जाए तो फसल 3 दिन में सूख जाएगी।

बांसवाड़ा जिले में ज्यादातर लाल-काली मिट्टी है। काली मिट्टी में अन्य के मुकाबले पानी को सोख कर अपने अंदर समाहित करने की ज्यादा क्षमता होती है। बावजूद इसके सोयाबीन की फसल पर सूखने का खतरा बढ़ता जा रहा है। कारण बारिश नहीं होना है। जिले में सोयाबीन की फसल बोई जा चुकी है। जरूरत थी एक अच्छी बारिश की पर नहीं हुई। अब जो फसलें लहलहाने लगी हैं।

वह आर्द्रता के कारण। हवा की नमी को सोखकर सोयाबीन की फसल जिंदा है। यदि तेज धूप निकलने लगे और आर्द्रता 30 प्रतिशत या इससे कम हो जाए तो 3 दिन में सोयाबीन की फसल सूख सकती है। इसलिए सक्षम किसानों को सलाह दी गई है कि यदि उनके पास संसाधन है तो पानी जरूर लगाएं।

तापमान के प्रति बहुत संवेदनशील

सोयाबीन की फसल तापमान के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होती है। यही कारण है कि बारिश नहीं होने और तेज गर्मी पड़ते ही फसलें सूख जाती हैं। हालांकि देश के वैज्ञानिकों ने इस पर कुछ हद तक काबू पाया है। वर्तमान में 2 किस्में ऐसी हैं। जो तापमान को सहन कर सकती हैं। आने वाले दिनों में जो भी सोयाबीन की नई किस्में तैयार होंगी। वह इन्हीं के आधार पर तैयार होंगी।

कैश क्रोप में पानी की कमी बहुत खलेगी

उपनिदेशक, कृषि विस्तार डॉ. दलीप सिंह का कहना है कि जिले में करीब 72 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की फसल बोई है। बारिश की भारी जरूरत है। यदि कैश क्रोप को पानी नहीं मिला तो बहुत नुकसान होगा। किसान सोयाबीन से बड़ी उम्मीद लगाता है क्योंकि फसल तैयार होते ही अच्छी दाम में बिक जाती है।

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