शहर को 6 माह पहले अतिक्रमण मुक्त कराया फिर से होने लगे कब्जे, प्रशासन और परिषद मौन

पाला रोड स्थित पुलिया पर दिनभर सब्जी विक्रेताओं के ठेले लगने और दूसरे फुटपाथी व्यापारियों के बैठने से सड़क काफी संकड़ी हो गई थी। वाहनों का गुजरना मुश्किल होता था, आए दिन हादसे होते थे। संभागीय आयुक्त ने पुलिया को अतिक्रमण मुक्त कराया था। अब यहां टैक्सी और अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग बन गई है। भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा संभाग का दर्जा हटने के साथ ही अब बांसवाड़ा शहर दोबारा अतिक्रमण की जद में आने लगा है।
तत्कालीन संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के पवन ने छह माह पहले शहर और पांचों प्रमुखा मार्गों से हटवाए थे, लेकिन फिर से घरों, दुकानों के आगे, सार्वजनिक स्थानों व सरकारी भवानों के आसपास अवैध कब्जे हो गए। तत्कालीन संभागीय आयुक्त ने शहर के जिन पांच स्थानों को अतिक्रमण मुक्त किया था, भास्कर ने शनिवार को इन जगहों की मौजूदा रियलिटी चैक की तो अतिक्रमण साफ नजर आए। खास बात यह थी कि संभागीय आयुक्त और इसके बाद संभाग का ही दर्जा हटने के बाद नगर परिषद और जिला प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त हुए इन स्थानों की कोई टोह नहीं ली गई और न ही कोई ऐसी कमेटी या निरीक्षण दल बनाया जो अतिक्रमियों के खिलाफ कार्रवाई करे। ऐसे में शहर में अतिक्रमण वापस होने लगा। डूंगरपुर मार्ग पर न्यू लुक स्कूल के पास एक अंधा मोड था, जिस पर आए दिन गंभीर हादसे होते थे।
संभागीय आयुक्त ने बीच में से कच्चा रास्ता बनाकर इस अंधे मोड को खत्म किया था। अब इस रास्ते की बीच में खुदाई कर रास्ते को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। गोविंद गुरु कॉलेज के पीछे पेट्रोल पंप वाली रोड पर 90 डिग्री का अंधा मोड था। मोड इतना खतरनाक थो कि सामने से आने वाला वाहन नजर ही नहीं आता था। सबसे ज्यादा बाइक चालक हादसे का शिकार होते थे। संभागीय आयुक्त ने इस मोड को भी खत्म कर दिया था। कॉलेज प्रबंधन को नई बाउंड्री बनाने के लिए खुदाई कर जगह भी बताई थी। कॉलेज प्रबंधन ने ना तो अब तक यहां से मलबा हटाया है और न ही बाउंड्री बनाई है।