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सीमेंट हब बनेगा बांसवाड़ा; 356 हैक्टेयर में 17 हजार 500 करोड़ का निकलेगा लाइम स्टोन, सरकार को होगी 3500 करोड़ की आय

Banswara
सीमेंट हब बनेगा बांसवाड़ा; 356 हैक्टेयर में 17 हजार 500 करोड़ का निकलेगा लाइम स्टोन, सरकार को होगी 3500 करोड़ की आय
@HelloBanswara - Banswara -

    तीनों ही ब्लॉक गढ़ी तहसील क्षेत्र में मिले, 8 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार

    खनिज को लेकर अपनी पहचान बनाने वाला बांसवाड़ा जिले में एक और अच्छी खबर है। जिले के गढ़ी पंचायत समिति में 356 हैक्टेयर क्षेत्र में लाइम स्टोन निकलेगा। जिसकी भू-विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के बाद जिला खनिज विभाग ने सरकार काे प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। स्वीकृति जुलाई के अंत में आने की पूरी संभावना है। इसके बाद विभाग 3 ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर देगा। विभाग ने तीनों ब्लॉक में 17 हजार 500 करोड़ का लाइमस्टोन निकलने का आंकलन किया है। जिससे राज्य सरकार को रॉयल्टी के माध्यम से 3500 करोड़ की आय होगी। नीलामी के बाद सीमेंट बनाने की फैक्ट्रियां लगाई जाएगी। जिले में अभी तक केवल वजवाना में सीमेंट बनाने का कारखाना चल रहा है। जो लीज पर है, अब नई प्रक्रिया से ई-अॉक्शन के माध्यम से टेंडर निकलेगा। इन 3 ब्लॉकों में कार्य शुरू होने से यहां रोजगार के साथ ही उद्योग धंधे भी बढ़ेंगे।

    356 हैक्टेयर के 3 ब्लॉक होंगे आवंटित

    जिले में 3 ब्लॉक हैं, जिनसे लाइम स्टोन का खनन होगा। इन ब्लॉकों की गहराई भी 40 से ज्यादा रहेगी।

    1. गढ़ी तहसील के पृथ्वीपुरा, नया तालाब गांव में ब्लॉक है। जिसका क्षेत्रफल 1.27 वर्ग किलोमीटर है। यानी 127 हैक्टेयर में करीब 118 मिलियन टन लाइमस्टोन निकलने का आंकलन किया गया है। जिससे इस क्षेत्र में भी सीमेंट निकालने की फैक्ट्रियां लगेगी।
    2. गढ़ी तहसील के नया तालाब, भमरिया में लाइमस्टोन का ब्लॉक मिला है। जिसका क्षेत्रफल 0.864 वर्ग किलो मीटर है। यानी 86.4 हैक्टेयर में 100 मिलियन टन लाइमस्टोन निकलने का आंकलन किया गया है।
    3. गढ़ी तहसील के ही भमरिया गांव, परतीपुरा में लाइमस्टोन का तीसरा ब्लॉक है। जिसका क्षेत्रफल 142.6 हैक्टेयर है। जिसमें 170 मिलियन टन लाइन स्टोन निकलने का आंकलन किया है। जिसके बाद यहां भी सीमेंट फैक्ट्री के लाने का कार्य शुरू होगा।


    स्वीकृति का इंतजार...ग्रेड लाइम स्टोन निकला तो लग सकती है स्टील फैक्ट्रियां

    विभाग के मुताबिक लाइम स्टोन के कई भंडार है। अब जो 3 ब्लॉकों की स्वीकृति का इंतजार है। इनमें ब्लॉक में स्टील ग्रेड लाइम स्टोन भी निकल सकता है। जो सबसे महंगा है। जिससे स्टील बनाने के काम में उपयोग किया जाता है। अगर इन ब्लॉक में स्टील ग्रेड लाइम स्टोन निकलता है तो यहां से अन्य राज्यों की स्टील की बड़ी बड़ी फैक्ट्रियां में भी सप्लाई होगा। इसके अलावा टेंडर लेने वाली फर्म यहां भी स्टील की फैक्ट्री लगा सकती है।


     हमने तीनों ब्लॉकों का प्रस्ताव भेज दिया है। जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। जिसके बाद ई-नीलामी होगी। जिसे बड़ी फर्में इसमें शामिल होगी। जिसके बाद कंपनियां अपने स्तर पर सीमेंट फैक्ट्रियां लगाएगी। जिससे स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा।
    -शांतिलाल अहारी, जिला खनिज अधिकारी


    चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में भी विकास: खास बात यह है कि तीन ब्लॉकों में खनन कार्य शुरू होने के बाद फर्म यहां सीमेंट बनाने की फैक्ट्री स्थापित करेगी। जिसके चलते स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के रास्ते खुल जाएंगे। तीनों जगहों पर सीमेंट फैक्ट्रियों की स्थापना व लाइम स्टोन का खनन शुरू होने से जिले के करीब 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। वहीं कंपनियों द्वारा सीएसआर फंड के तहत ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा व शिक्षा के क्षेत्र में विकास करने का प्रयास किया जाएगा। सीमेंट फैक्ट्रियों की स्थापना से जिले में करोड़ों रुपए का निवेश होगा।






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