जर्जर स्कूल भवनों का तकनीकी निरीक्षण शुरू, दो दिन में निदेशालय भेजेंगे रिपोर्ट

बांसवाड़ा। शहर के पीएम श्री खांदू कॉलोनी और संदलई आंगनवाड़ी केंद्र के भवन गिरने की घटना के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। विभाग ने जिले के सभी उपखंडों में आदेश जारी कर तकनीकी अधिकारियों से दो दिन में सरकारी स्कूल भवनों की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट मांगी है।
रविवार को तकनीकी अधिकारियों ने स्कूल-स्कूल पहुंचकर निरीक्षण किया। कक्षा-कक्ष, बरामदे, छज्जे, चारदीवारी, शौचालय, मूत्रालय, किचन शेड और भोजनशालाओं की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया गया। कई जगह प्रधानाचार्य और पीओ को ग्रामीणों और अभिभावकों से स्कूल खुलवाने के लिए मिन्नतें करनी पड़ीं, क्योंकि अवकाश के दिन शिक्षक व कार्मिक निरीक्षण में सहयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो पाए। इससे पूर्व भी शिक्षा विभाग ने 27 कॉलम का विस्तृत प्रोफार्मा भरवाकर कक्षा-कक्ष व अन्य सुविधाओं की जानकारी मांगी थी। इसके बावजूद कई स्कूल भवनों की हालत बेहद खराब है।
इधर, राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर जर्जर भवनों को रिपेयर करने के बजाय गिराकर नए भवन निर्माण की मांग की है। संगठन के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि बांसवाड़ा जिले की स्थिति बेहद गंभीर है। जिले के 396 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 1994 कक्षा-कक्ष और सुविधाएं जर्जर हालत में हैं, जबकि 1806 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में 3789 कमरे चिंता जनक स्थिति में हैं। संगठन ने मांग की है कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 10 नए कक्षा-कक्ष और 3 प्रयोगशालाएं तथा प्राथमिक विद्यालयों में 5 नए कक्षा-कक्ष, शौचालय व भोजनशालाएं बनाकर ही स्थिति सुधारी जा सकती है। बांसवाड़ा. घाटोल के भौमपाड़ा स्कूल भवन का निरीक्षण करते हुए टीम।