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स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के बांसवाड़ा दौरे को लेकर तैयारियां तेज, एमजी हॉस्पिटल का दौरा कर जानेंगे हालात, लेंगे समीक्षा बैठक

Banswara
स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के बांसवाड़ा दौरे को लेकर तैयारियां तेज, एमजी हॉस्पिटल का दौरा कर जानेंगे हालात, लेंगे समीक्षा बैठक
@HelloBanswara - Banswara -
डरावनी मानी जा रही कोविड की तीसरी लहर की आशंका के बीच जारी तैयारियों को देखने के लिए प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा शुक्रवार शाम तक बांसवाड़ा पहुंचेंगे। रात्रि विश्राम के बाद अगली सुबह शनिवार को वे यहां कोविड डेडीकेटेड अस्पताल के नाम पर महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगे।

इसके बाद चिकित्सा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। मंत्री शर्मा की बैठक और निरीक्षण को लेकर बांसवाड़ा में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इससे पहले जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह एवं चिकित्सालय के नोडल प्रभारी एसीईओ ने तैयारियों का जायजा लिया।

चिकित्सालय की हर खामियों में सुधार को लेकर उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए। बच्चों के लिए बनाए जा रहे तीन नए वार्ड में अब तक बेड बिछाने से लेकर खिड़की दरवाजों की मरम्मत जैसे काम तेजी से जारी हैं। दीवारों पर मकड़ी के जाले हटाए जा रहे हैं। दीवारों पर फंगस जैसी गंदगी को दूर किया जा रहा है। वार्ड में सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुरजोर प्रयास जारी हैं।

नए बाल वार्ड के शौचालय वाले दरवाजे को हाथ लगाकर देखते कलेक्टर।
नए बाल वार्ड के शौचालय वाले दरवाजे को हाथ लगाकर देखते कलेक्टर।

बाथरूम के दरवाजे हल्के क्यों?

तीसरी लहर की आशंका के बीच एमजी हॉस्पिटल में तैयार हो रहे नए बाल वार्ड के शौचालयों में दरवाजे लगाने का काम जारी है। दरवाजे के नाम पर यहां एलुमीनियम काम लिया जा रहा है। कलेक्टर ने दरवाजे को हाथ लगाकर पूछा, दरवाजे इतने हल्के क्यों हैं? जवाब सुनने के बाद अगले सवाल पर कलेक्टर ने चिकित्सा स्टाफ से यह भी पूछ लिया कि दरवाजों को लेकर पैरामीटर क्या हैं। हालांकि, कोई भी कर्मचारी ढंग से इसका जवाब नहीं दे पाया। दिखने में बाहर से अच्छे लगते हैं। इसके अलावा ऐसे दरवाजों का तकनीकी कारण कोई नहीं बता पाया। हालांकि, कलेक्टर ने भी विषय को ज्यादा नहीं खींचा और दूसरी ओर बढ़ गए।

वार्ड में तैयारियों के बीच अस्त-व्यस्त बेड।
वार्ड में तैयारियों के बीच अस्त-व्यस्त बेड।

अभी तो बेड बिछाने हैं
दीवारों की रंगाई पुताई और सीलन वाली जगहों पर कुट्‌टी कर फर्श की सफाई का काम नए वार्डों में हो चुका है। लेकिन, बेड अब भी अस्त-व्यस्त ही हैं। आज शाम तक इन्हें मूल स्वरूप दिया जाएगा। नए वार्ड दिखने में निजी अस्तालों के वआईपी चैंबर जैसे हैं, लेकिन सवाल यह है कि मरीजों के आने के बाद यहां के हालात शुरुआत की तरह कितने दिन समय पर अपडेट रहेंगे। इसे लेकर अभी कोई कार्ययोजना तय नहीं हुई है।

कलेक्टर बोले मुख्य द्वार तो ढंग से सुधार लो। यह सुन सभी ऊपर देखने लगे।
कलेक्टर बोले मुख्य द्वार तो ढंग से सुधार लो। यह सुन सभी ऊपर देखने लगे।

छज्जा देख बोले, इसे तो सुधारो
भीतर निरीक्षण के बाद कलेक्टर सिंह जैसे ही अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के जिम्मेदारों को बचे हुए कार्य को अतिशीघ्र पूरा करने की नसीहत दी। तभी मुख्य द्वार के छज्जे पर उनका ध्यान गया। उसमें सीलन आ रही थी। वहीं लाइटें भी अस्त-व्यस्त थीं। कलेक्टर ने इसे देख बाकी सभी का भी खामी की ओर ध्यान आकर्षित किया। बोले कि मुख्य द्वार तो सही कर लो। खामी को दूर करने के लिए सभी जिम्मेदारों ने आश्वासन दिया।

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