जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में सख्त दिखे राज्यमंत्री बामनिया, सीएमएचओ-पीएमओ को बताए दायित्व

बांसवाड़ा : जिला मुख्यालय के एक मात्र कोविड सेंटर (एमजी हॉस्पिटल) में एक दिन पहले ऑक्सीजन किल्लत को लेकर मचे हाहाकार का मुद्दा सोमवार को प्रशासनिक समीक्षा बैठक में प्रमुखता से उठा। जिला कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में टीएडी राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं एमजी हॉस्पिटल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को स्पष्ट किया कि संक्रमितों के उपचार में ऐसी कोई लापरवाही नहीं बरती जाए, जिसका बाद में सभी को जवाब देना पड़े। बेहतर होगा कि मरीजों के उपचार में हर संभव सावधानी बरती जाए।
ऑक्सीजन किल्लत पर उन्होंने कहा कि सप्लाई को लेकर किसी तरह का मिस मैनेजमेंट नहीं होना चाहिए। हर स्तर पर इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। राज्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग के मुखियाओं को सख्त कायदों के साथ मरीज हित में काम करने की नसीहत दी।
बैठक को जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह एवं अन्य ने संबोधित किया। वहीं सीएमएचओ डाॅ. हीरालाल ताबियार एवं पीएमओ डॉ. रवि उपाध्याय ने व्यवस्थाओं की जानकारी दी। गौरतलब है कि रविवार को महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में ऑक्सीजन किल्लत के नाम पर परिजनों ने हाहाकार मचाया था। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके तक दौड़ लगानी पड़ी थी। तब कहीं जाकर भीड़ नियंत्रण में आई थी।
निजी संगठन आगे आए
इधर, गणेश भक्त मंडल, नई आबादी की ओर से सभापति जैनेंद्र त्रिवेदी को ऑक्सीजन सिलेंडर सौंपे गए। मंडल अध्यक्ष डॉ. दीपक द्विवेदी और संगठन प्रतिनिधियों की ओर से आर्थिक सहयोग के बूते पांच सिलेण्डर जुटाए गए।
यह सिलेंडर सभापति के माध्यम से महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय को सौंपे गए। इसी तरह अन्य सामाजिक संगठन भी उनके स्तर पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के प्रयासों से जुटे हुए हैं। इधर, एमजी हॉस्पिटल में आगामी 24 मई तक सिक्योर मीटर की ओर से तैयार किया जा रहा नया ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने की पूरी संभावनाएं बन रही हैं।
उपभोक्ता के राशन सामग्री वाहन को हरी झंडी
संपूर्ण लॉकडाउन में गली मौहल्लों के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता भंडार की ओर से वाहन सेवा की शुरुआत की गई। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया, सभापति जैनेंद्र त्रिवेदी व जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर मौके से रवाना किया। व्यवस्था के हिसाब से यह वाहन शहर के हर क्षेत्र में जाकर लोगों की जरूरतों के हिसाब से सामान का निर्धारित मूल्य के हिसाब से वितरण करेंगे। साथ ही लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी पालन करेंगे।