गढ़ी तहसीलदार ने की गड़बड़ी:दुकानों के पंजीयन में आवासीय दरें ली, सड़क किनारे मकानों की डीएलसी दूर की बताकर राजस्व का नुकसान

गढ़ी तहसीलदार भगवतीलाल जैन की ओर से गलत तरीके से जमीन, मकान, दुकानों का पंजीयन कर 51 लाख रुपए की गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा कलेक्टर के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय कमेटी की जांच में हुआ है। तीन सदस्यीय कमेटी ने 23 जुलाई से 18 अगस्त 2024 तक के 1041 पंजीयन दस्तावेजों की रेंडमली जांच की। इनमें से 74 दस्तावेजों में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आई।
कमेटी ने पाया कि कई रजिस्ट्री में डीएलसी रेट सड़क से दूर की लगाई गई। तहसील क्षेत्र के लिए जोन तय होने के बावजूद ग्राम स्तर की दर लगाई गई। इतना ही नहीं, दुकानें होने के बाद भी आवासीय दर लगाकर पंजीयन करवाए गए। इससे सरकार को 51 लाख रुपए का राजस्व नुकसान हुआ है। { क्षेत्र अनुसार जोन निर्धारित है फिर भी उस रेट जोन अनुसार पंजीयन नहीं करके राजस्व ग्राम के लिए तय अन्य दरों से दस्तावेज पंजीबद्ध किए। { तहसील क्षेत्र में मुख्य सड़क के पास डीएलसी तय होने के बावजूद पंजीयन जमीनों की सड़क से दूरी बताकर किया गया। { खसरा और गिरदावरी के बिना ही जमीनों की असिंचित भूमि की डीएलसी दर से पंजीयन कर दिया। { भूमि का उपभोग वाणिज्यिक दुकान आदि होते हुए भी आवासीय दर के अनुसार पंजीयन किया। { स्थानीय निकाय/पंचायत की ओर से जारी पट्टों के पंजीयन की समयावधि समाप्त होने के बाद भी उनका पंजीयन किया गया। इन पट्टों में आबादी के खतरा नंबर का अंकन नहीं होने पर भी पट्टों का पंजीयन किया। { दस्तावेजों के पंजीयन के दौरान भूखंडों के तीन साइड से फोटो नहीं लिए गए। { अधिकांश दस्तावेजों में जरुरी दस्तावेज जिसमें जमाबंदी, खसरा गिरदावरी सहित अन्य की प्रमाणित प्रतियां नहीं थी। { उप पंजीयक के रूप में जैन के पदस्थापन से लेकर 18 जुलाई तक पंजीयन दस्तावेजांे का नियमानुसार लॉटरी के माध्यम से ही मौका निरीक्षण करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया। ^समिति की जांच में 74 दस्तावेजों में पंजीयन में अनियमितता सामने आई है। जिससे 51 लाख रुपए राजस्व हानि हुई है। तहसीलदार को 17 सीसीए का नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही उनके कार्यकाल में अन्य पंजीयन दस्तावेजों में भी अनियमितता की आशंका पर डीआईजी स्टांप, अजमेर को पत्र लिखा था।
7-8 दिन पहले टीम ने आकर जांच भी की है। -डॉ. इंद्रजीत यादव, कलेक्टर कमेटी की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से गढ़ी तहसीलदार भगवतीलाल जैन को 17 सीसीए का नोटिस जारी किया। दरअसल, 24 मई को प्रशासन को मौजूदा तहसीलदार के खिलाफ ग्राम भगोरा में गलत तरीके से रजिस्ट्री कर राजस्व नुकसान पहुंचाने की शिकायत मिली। कलेक्टर के आदेश पर बागीदौरा के उपखंड अधिकारी ने 12 जून को तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की। जिसमें 5 मार्च को हुए एक पंजीयन दस्तावेज में 6 लाख रुपए के राजस्व नुकसान होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के आधार पर अन्य दस्तावेजों में भी अनियमितता की आशंका पर कलेक्टर ने तहसीलदार हाल पदेन उप पंजीयक गढ़ी की ओर से की गई अन्य रजिस्ट्री की जांच के लिए 5 जुलाई को प्रभारी अधिकारी (भू.अ.) उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया। समिति की रिपोर्ट के अनुसार 74 दस्तावेजों के पंजीयन में कम राशि ली गई।
बताया गया कि रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों से कमीशन लेने के लिए तहसीलदार ने उनसे राशि कम ली। इससे लोगों का भी फायदा हुआ और तहसीलदार का भी। इस मामले में पंजीयन से जुड़े अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। तहसीलदार भगवतीलाल जैन ने 23 फरवरी 2024 को ज्वॉइन किया था। 3 अक्टूबर को तबादला हो गया लेकिन कोर्ट से स्टे लेकर 17 अक्टूबर को वापस ज्वॉइन कर लिया।