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2018 और 2021 में एक ही प्रश्न पूछा लेकिन आंसर-की में दाेनाें के उत्तर अलग-अलग

Banswara
2018 और 2021 में एक ही प्रश्न पूछा लेकिन आंसर-की में दाेनाें के उत्तर अलग-अलग
@HelloBanswara - Banswara -

प्रदेश का सबसे बड़ा इम्तिहान रीट 2021 शुरू से ही विवादों में रहा है। पहले ताे जहां परीक्षा का बार बार आगे खिसकना। परीक्षा हुई ताे उससे पहले पेपर आउट के प्रकरण, सीबीआई जांच की मांग, परीक्षा में डमी अभ्यर्थियों की उपस्थिति और चप्पलों में ब्लू टूथ छिपाकर हाईटेक नकल करने की गड़बडिय़ों के बाद अब रीट के पेपर में पूछे गए प्रश्न और उसके उत्तरों में ही माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गलतियां कर दी है कि इसके बदले अभ्यर्थियों काे बाेनस अंक दिए जाने चाहिए। सामान्य भाषा में समझे ताे प्रश्न पत्रों की गड़बड़ी यह है कि एक प्रश्न जाे रीट 2018 में पूछा गया और वहीं प्रश्न रीट 2021 में पूछा गया, लेकिन परीक्षा के बाद जारी उत्तर कुंजी में दाेनाें के उत्तर अलग-अलग दिए हैं। इससे अभ्यर्थियों काे अंकों का नुकसान हुआ है। 25 लाख अभ्यर्थियों के इस बड़े कंपीटिशन एग्जाम में 1 अंक भी बहुत मायने रखता है। भास्कर ने रीट के प्रश्न पत्रों में गड़बड़ी काे एक्सपर्ट के जरिए उजागर किया है।


अभ्यर्थियाें की मांग- कमेटी बनाकर फिर जारी करे परिणाम
सरकार ने 36 दिनों के भीतर रीट का परिणाम जारी कर वाहवाही ताे लूट ली है। परिणाम जारी करने से पहले प्रश्नों और उनके उत्तरों का सही मिलान करना जरूरी था। क्योंकि उत्तरों में भेद से हजारों अभ्यर्थियों काे अंकों के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। बोर्ड काे विषय विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर इन प्रश्नों का सही समाधान करते हुए फिर से परीक्षा परिणाम जारी करना चाहिए। जिससे सभी अभ्यर्थियों काे न्याय मिल सके। नहीं ताे अभ्यर्थियों काे विवश हाेकर काेर्ट की शरण में जाना पड़ेगा। काेर्ट जाने से अनेकाें गरीब अभ्यर्थियों काे अनावश्यक धन और समय का खर्च करना पड़ेगा। बोर्ड काे हिंदी के अलावा दूसरे खंडों के भी प्रश्नों के उत्तरों की जांच कर सही तरीके से परिणाम जारी करना चाहिए।


साहस की व्याकरणीय भाव व गुणवाचक बताया
डाॅ. चंद्रा अदम्य साहस की धनी थी, इस वाक्य में साहस शब्द की सही व्याकरणीय श्रेणी है।
बोर्ड द्वारा उत्तर लेवल 2 में भाववाचक संज्ञा सही उत्तर माना गया है। वहीं लेवल 1 में इसका सही उत्तर गुणवाचक विशेषण है।
समाधान- साहस शब्द भाववाचक संज्ञा शब्द ही हाेता है। लेवल 2 में इसका उत्तर सही माना है, लेकिन बोर्ड द्वारा रीट पाठ्यक्रम में निर्धारित कक्षा 8वीं की पाठ्यपुस्तक हिंदी सत्र 2019-20 में पाठ 13 के भाषा विचार में यही वाक्य साहस शब्द काे गुणवाचक विशेषण बताया है। इस आधार पर प्रश्न काे डिलीट कर अभ्यर्थियों काे बाेनस अंक दिए जाने चाहिए।


प्रश्न- जिला स्तर पर उपभोक्ता विवादों का निबटारा काैन करता है।
बोर्ड ने अपनी पाठ्यपुस्तकों के आधार पर इसका सही उत्तर जिला फाेरम माना है। जबकि एनसीईआरटी की कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक आर्थिक विकास की समझ 2021-22 में इसका नाम जिला न्यायालय लिखा गया है। जाे प्रश्न के विकल्पों में मौजूद था।


समाधान- इस प्रश्न काे डिलीट कर सभी काे बाेनस अंक देना चाहिए या दाेनाें उत्तर सही मानकर सभी अभ्यर्थियों काे लाभ दिया जाना चाहिए। इसके अलावा भी अंग्रेजी, गणित, मनोविज्ञान जैसे खंडों में बोर्ड द्वारा माने गए उत्तरों और वास्तविक उत्तरों में काफी भेद है।


सीसीई में व्यापकता का आशय है।
रीट 2018 में इसका सही उत्तर प्रश्नों की व्यापकता माना गया है। जबकि रीट 2021 में इस प्रश्न काे डिलीट कर सभी काे बाेनस अंक दिया गया है।
समाधान- इस प्रश्न का सही उत्तर प्रश्नों की व्यापकता सही है। अब इसका समाधान नहीं है। कि बोर्ड इस प्रश्न का उत्तर बदल कर प्रश्नों की व्यापकता काे मानना चाहिए। या फिर 2018 की परीक्षा में भी इस प्रश्न काे डिलीट कर सभी अभ्यर्थियों काे बाेनस अंक दिए जाने चाहिए।


निम्न में से काैन महाराणा प्रताप की सेना के चंदावल दस्ते में शामिल थे।
1. पुरोहित गाेपीनाथ, 2. राणा पूंजा, 3. जय मल मेहता, 4. हकीम खान, 5. चारण, 6. कृष्णदास चुंडावत।
बोर्ड द्वारा कक्षा 7 की पाठ्यपुस्तक सामाजिक अध्याय सत्र 2019-20 के आधार पर इसका सही उत्तर 1,2,3,5 है। लेकिन बोर्ड की ही कक्षा 12 की पुस्तक भारत का इतिहास सत्र 2019-20 में पुरोहित गाेपीनाथ, चारण, जय मल काे हरावल दस्ते में बताया गया है। इस आधार पर इस प्रश्न काे डिलीट कर सभी काे बाेनस अंक दिए जाने चाहिए थे।

रीट : जिले की चॉइस और सब्जेक्ट पहले ही भराने की तैयारी, ताकि पद खाली न रह जाए
माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड की ओर से रीट का परिणाम जारी करने के बाद अब सरकार द्वारा प्रदेश के 33 जिलाें में 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदाें के लिए वैकेंसी निकाली जाएगी। हर बार भर्तियों में आ रही परेशानियों काे देखते हुए इस बार शिक्षा विभाग नवाचार भी कर सकता है। एक पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसमें लेवल-2 के अभ्यर्थियों काे इस विशेष पोर्टल के माध्यम से पहले ही जिले की चॉइस व सब्जेक्ट भराने की तैयारी की गई है, ताकि किसी भी जिले में पद रिक्त रहने की स्थिति में पहले ही उसे भरने के लिए तैयारी की जा सके। इससे बार-बार वेटिंग लिस्ट निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आईआईटी की तर्ज पर ही रीट अभ्यर्थियों काे वरीयता के अनुसार जिला व विषय आवंटित किया जाएगा। इसी काे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग पोर्टल तैयार कर रहा है। शिक्षा विभाग के जानकारों के अनुसार जिला परिषद से पहले शिक्षा विभाग अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन करने की तैयारी कर रहा है।


10% एकेडमिक इंडेक्स मार्क्स
रीट 2021 का परिणाम जारी होने के बाद अब दस फीसदी एकेडमिक इंटेक्स मार्क्स जोड़कर शिक्षा निदेशालस की ओर से फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. डीपी जारोली ने बताया कि यह परिणाम प्रोविजन रूप से जारी किया है। सरकार के निर्देश पर 10% एकेडमिक इंटेक्स मार्क्स जुड़ेंगे और इसके बाद फाइनल रिजल्ट निदेशालय जारी करेगा।

रीट लेवल-1
परीक्षार्थियों के 60% से अधिक अंक
1,03,074


रीट लेवल-2
परीक्षार्थियों के 60% से अधिक अंक
3,29,640

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