Home News Business Covid-19

Gaiman bridge Maharana Pratap setu

Banswara
Gaiman bridge Maharana Pratap setu
@HelloBanswara -

बांसवाड़ा शहर से 16 किमी की दूर दानपुर-रतलाम मुख्य मार्ग पर स्थित माही नदी पर बनाया गया गेमन पुल पर वाहन और नदी का पानी साथ-साथ चलते  हैं। माहीडैम के लबालब हो जाने के बाद पानी सवा किमी लंबे पुल के करीब पहुंच जाता है । 

राजस्थान को बांसवाड़ा गेमन पुल के जरिए मप्र से जोड़ने का यही रास्ता है जो रतलाम उज्जैन इंदौर और भोपाल जाता है। इसे 1984 से पहले गेमन इंडिया लिमिटेड द्वारा बनाया गया था। इसके चलते प्रचलन में इसे गेमन पुल ही कहा जाने लगा। वैसे इस पुल का नाम महाराणा प्रताप सेतू है। माही डैम बनने के बाद इस पुल का निर्माण किया गया था। करीब 7 साल तक इसका निर्माण होने के बाद इसे आम लोगों के लिए खोला गया|

पुल के पास स्थानीय लोगो के लिए खेती के साथ मत्यपालन के काम से आजीविका यंहा की जाती है| उदयपुर संभाग के सबसे बड़े माहीडेम के इस बेक वाटर गेमन पुल पर पिकनिक स्पॉट का आनंद भी लिया जाता है.

शहर से मध्यप्रदेश के रतलाम को जोड़ने वाले माही नदी पर स्थित 1.27 किमी लंबा महाराणा प्रताप पुल (गेमन पुल) संभाग का एक मात्र सबसे लंबा पुल है, जो पानी के बीच बना है। 1984 में बनाए इस पुल को उस समय एशिया का सबसे लंबा पुल माना था। इस हाई फ्लड लेवल पुल को इस तरह से बनाया है कि माही बांध पुरा भरने के बाद भी इसके ऊपर तक पानी नहीं आता है। इसकी चौड़ाई 7.50 मीटर है। पुल में 27 स्पान है। जिनमें 25 स्पान 46.6 मीटर के हैं। इसके दोनों ओर से आखिरी दो स्पान 44.26 मीटर के हैं। इसकी ऊंचाई 288.00 मीटर है। पुल को गेमन कंपनी ने बनाया था, इसलिए इसे गेमन पुल भी कहते हैं।

खासियत: एंटी स्किड तकनीक की सड़क, पानी में भी फिसलन कम

गेमनपुल पर तेज गति से आने वाले वाहन ब्रेक लगाते समय फिसलकर दुर्घटना के शिकार न हो, इसलिए साढ़े आठ मीटर तक एंटी स्किड तकनीक से सड़क का डामरीकरण किया है। इसमें कोल्ड डामर की 50 एमएम की मोटाई तक परत बनाई जाती है। इसमें 25 एमएम की गिट्‌टी शामिल किया जाता है। उठे हुए गिट्‌टी के पत्थरों से सड़क पर वाहनों के टायर की पकड़ बनी रहती है। इससे वह पानी भरे होने पर भी फिसलते नहीं है। इस सड़क की निर्माण लागत सामान्य सड़कों से पांच गुना ज्यादा होती है। दिल्ली में सड़कें इसी तकनीक से बनाई जाती हैं।

शेयर करे

More Tourism

Search
×
;