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शव आरोपी के घर ले जाने पर अड़ी भीड़, पत्थर फेंके, एंबुलेंस के आगे लेटी महिलाएं, पुलिस ने हवाई फायर और आंसू गैस से खदेड़ा

Banswara
शव आरोपी के घर ले जाने पर अड़ी भीड़, पत्थर फेंके, एंबुलेंस के आगे लेटी महिलाएं, पुलिस ने हवाई फायर और आंसू गैस से खदेड़ा

दशहरे पर मारपीट में घायल युवक की माैत पर केसरपुरा के खड़देव गांव में भीड़ का उपद्रव, 4 घंटे बाद घर पहुंचा शव

दो ट्रैक्टर भरकर उपद्रवियों की बाइक जब्त, रात को समझाइश करने पहुंचे एसपी-कार्यवाहक कलेक्टर

आंबापुरा के केसरपुरा पंचायत के खड़देव गांव में शनिवार को मारपीट से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत पर शव गांव लाने के बाद बवाल मच गया। ग्रामीणों ने आम रास्ता जाम कर दिया और शव को आरोपियों के घर ले जाने की जिद पर अड़ गए। इसी बीच गुस्साई भीड़ में छिपे उत्पातियों ने महिलाओं की आड़ लेकर पुलिस पर पथराव कर दिया। अंधेरे में एकाएक पथराव पर पुलिसकर्मियों को वाहनों और पेड़ की ओट लेनी पड़ी। बाद में जवाबी कार्रवाई करते हुए पंप एक्शन गन से भीड़ को तितर-बितर करने कई बार हवाई फायर किए। लेकिन, पथराव नहीं थमने पर आंसू गैस के गोले दागे। पथराव में आंबापुरा तहसीलदार के वाहन के कांच फूट कए। कुछ पुलिस कर्मी भी चोटिल हुए। आखिर एंबुलेंस को शव लेकर वापस बांसवाड़ा लौटना पड़ा। पुलिस ने दो ट्रैक्टर की मदद से उत्पातियों की करीब 35 से 40 बाइक जब्त कर ली। गांव में आंबापुरा, सदर, पाटन थाने के जाब्ते के अलावा एमबीसी और क्यूआरटी टीम भी तैनात किए गए।दरअसल, दशहरे पर छोटी बदरेल में मारपीट से खड़देव निवासी विश्राम पुत्र कालु दामा घायल हो गया था। जिसकी उदयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। शव को शनिवार को एंबुलेंस के जरिये गांव लाया गया। इससे पहले बड़ी तादाद में ग्रामीण गांव के बांसवाड़ा-आंबापुरा मुख्य मार्ग पर जमा हो गए। हंगामा होने की आशंका के चलते भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया। लेकिन, शाम को 5:40 बजे जैसे ही शव लेकर एंबुलेंस गांव पहुंची तो गुस्साई भीड़ में छिपे उत्पातियों ने ऑटो और पत्थर रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। इस पर एंबुलेंस गांव में नहीं जा पाई। पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, सरपंच के अलावा गांव के मौतबिरों की समझाइश से भी बात नहीं बनी। इसी बीच अंधेरे का फायदा उठाते हुए महिलाओं की आड़ लेकर कुछ उत्पातियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पंप एक्शन गन से करीब 20 बार हवाई फायर किए और आंसू गैस के गोले दागे। इस पर भीड़ बिखर गई। करीब 45 मिनट तक हुए पथराव से आंबापुरा तहसीलदार की जीप और पुलिस वाहन के कांच फूट गए। पुलिसकर्मियों को भी हल्की चोटें आई। सात बजे तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। मौके के हालात देख शव को एंबुलेंस समेत वापस बांसवाड़ा लौटा दिया। मामला बिगड़ते देख कार्यवाहक कलेक्टर गोविंद सिंह राणावत और एसपी केसरसिंह शेखावत रात 9 बजे मृतक के घर पहुंचे और शव का अंतिम संस्कार कराने की समझाइश की। रात 10 बजे एमजी अस्पताल से वापस शव को मृतक के घर पहुंचाया गया। पुलिस अब 100 से भी ज्यादा जनों के खिलाफ बलवा, राजकार्य में बाधा समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर सकती है।

हत्या में दर्ज होगा मामला

विश्राम से मारपीट पर पहले ही केस दर्ज कर लिया था। लेकिन उसकी मौत पर इन आरोपियों के खिलाफ धारा 302 में केस बदल जाएगा। तीन जनों को निगरानी में लिया है। भीड़ शव को आरोपी के घर ले जाना चाहती थी। किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जा सकता है। जिन्होंने पथराव किया है उनके खिलाफ भी केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। प्रभातीलाल, डीएसपी

सुबह से ही तैयारी में थे ग्रामीण, शाम 5.40 बजे एंबुलेंस के पहुंचते ही उपद्रव, शव लेकर लौटा एंबुलेंसकर्मी, 10 पुलिसकर्मी चोटिल

विश्राम को सरिए से मारा था, चार दिन बाद दम तोड़ा, 3 आरोपी पकड़े  छोटी बदरेल में 8 अक्टूबर की रात 11 बजे दशहरा कार्यक्रम चल रहा था। विश्राम उसके साथी राजेश मईड़ा, विनोद, संजय उर्फ कालू, अनिल के साथ रावण दहन देखने गया। जहां उनका गामदा निवासी 6-7 अन्य जनों से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। जिसमें विश्राम और राजेश दोनों के साथ लट्ठ से मारपीट की गई। हमले से विश्राम घायल हो गया। जिसे गंभीर हाल में एमजी अस्पताल लाया गया। हालत नाजुक होने पर उदयपुर रैफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान शुक्रवार विश्राम ने दम तोड़ दिया। विश्राम के भाई मुकेश के अनुसार उसके भाई विश्राम और राजेश को लोहे के सरिये से सिर पर मारने से सिर फट गया था। पुलिस ने राजेश की रिपोर्ट पर 3 जनों के खिलाफ नामजद और 7 अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर किया है।

छावनी में तब्दील खड़देव, अंतिम संस्कार आज:  पथराव के कारण रात को भी भारी पुलिसबल तैनात रहा। परिजनों से समझाइश के बाद रात को ही शव रात को 10 बजे मृतक के घर पहुंचा दिया गया। रविवार को सुबह पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार होगा। इधर, पथराव से 10 से 15 पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। जिनका मेडिकल करवाया जाएगा।

आंखों देखी... मुझे कहा- शव को आरोपियों के घर ले आओ, नहीं तो मार डालेंगे: एंबुलेंसकर्मीविश्राम की मौत पर सुबह 6 बजे परिजनों ने शव ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी। बांसवाड़ा आने पर परिजनों ने पटाखे खरीदने की बात कही। बोला- रिवाज है इसलिए खरीदने पड़ेंगे। कुंडला टोल नाके पर रुके। कुछ पुलिसकर्मी भी साथ हो गए। गांव जाकर देखा तो भीड़ लगी थी। मेरी एंबुलेंस को मृतक के घर नहीं जाने दिया गया। कुछ महिलाएं मेरी गाड़ी के आगे लेट गई। भीड़ में से कुछ जनों ने मुझे शव आरोपियों के घर ले जाने के लिए कहा। बोल रहे थे कि आरोपी के घर शव ले जाकर सिरा गाढ़ेंगे इसके बाद लौटेंगे। ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी। अंधेरा होते ही पथराव हो गया। पॉवर विंडो होने पर मैंने कांच चढ़ा दिए लेकिन पत्थर लगने से टूट गए। पत्थर शव पर भी पड़े। कुछ लोगों के हाथों में जलती मशाल देख मैं घबरा गया और किसी तरह शव सहित एंबुलेंस लेकर बांसवाड़ा आ गया। अगर मैं वहा थोड़ी देर और रुकता तो शायद वाहन को आग लगा देते। (जैसा कि विश्राम के शव को लाने वाले एंबुलेंस चालक शाकिर हुसैन ने बताया) 

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