पर्यटन विकास के लिए गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय की पहल, अगस्त माह में होटेलियर्स व ट्यूर ऑपरेटर्स की करेगा कार्यशाला

Updated on June 19, 2019 Other
 पर्यटन विकास के लिए गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय की पहल, अगस्त माह में होटेलियर्स व ट्यूर ऑपरेटर्स की करेगा कार्यशाला, Banswara "विश्वविद्यालय द्वारा पहल करते हुए न केवल पर्यटन विषय पर एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स प्रारंभ किया जा रहा है अपितु पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजन की भी नींव रखी है। "

Banswara June 19, 2019 - बांसवाड़ा पर प्रकृति की मेहरबानी है, सघन हरितिमा और आईलेण्ड्स यहां की अनोखी विशेषता है, इन स्थितियों में पर्यटन की दृष्टि से बांसवाड़ा बहुत बड़ा केन्द्र बन सकता है। इस दृष्टि से विश्वविद्यालय द्वारा पहल करते हुए न केवल पर्यटन विषय पर एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स प्रारंभ किया जा रहा है अपितु पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजन की भी नींव रखी है।  
यह उद्गार गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अनुभव किया है कि जिले के पर्यटन दृष्टि से विकास की अपार संभावनाएं हैं, यहां की नैसर्गिक विरासत देशभर में अनूठी है, जरूरत है तो बस इस विरासत से देश-दुनिया को रूबरू करवाने की। उन्होंने कहा कि यहां के चाचा कोटा क्षेत्र और आईलेण्ड्स को व्यक्ति अगर एक बार देख लें तो हतप्रभ ही रह जाएगा।  
उदयपुर के होटेलियर्स व ट्यूर ऑपरेटर्स को दिखाएंगे ‘हमारा बांसवाड़ा’:  
कुलपति प्रो. सोडाणी ने बताया कि देश में पर्यटकों की पसंदीदा जगह में शुमार हो चुके उदयपुर में आने वाले पर्यटकों को हमारे बांसवाड़ा की ओर मोड़ने के लिए अगस्त माह में विश्वविद्यालय द्वारा उदयपुर के प्रमुख होटेलियर्स व ट्यूर ऑपरेटर्स की एक कार्यशाला का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यशाला का आयोजन उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से किया जाएगा तथा इसमें पहुंचने वाले संभागियों को जिले के प्रमुख पर्यटन प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराते हुए बताया जाएगा कि बांसवाड़ा प्राकृतिक रूप से कितना समृद्ध है। इसके साथ ही उन्हें यहां की पर्यटकीय महत्ता से न सिर्फ रूबरू करवाया जाएगा अपितु कार्यशाला में जिला प्रशासन के सहयोग से एक पावर प्वाईंट प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया जाएगा जिसमें यहां पर पर्यटकों को पसंद आने वाले जगहों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस कार्यशाला से होटेलियर व ट्यूर ऑपरेटर्स के विचारों को आमंत्रित करते हुए पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके बाद कार्ययोजना बनाकर उसे मूर्त रूप भी दिया जाएगा।  
 

डिप्लोमा कोर्स देगा युवाओं को रोजगार:  
कुलपति प्रो. सोडाणी ने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन व्यवसाय की संभावनाओं को देखते हुए ही विश्वविद्यालय द्वारा पर्यटन पर एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है और इस कोर्स को करने वाले युवा को शर्तिया रूप से रोजगार प्राप्त हो सकेगा।  
हरितिमायुक्त होगा विश्वविद्यालय परिसर, लगेंगे एक हजार पौधे:  
कुलपति प्रो. सोडाणी ने बताया कि गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के नवीन परिसर को हरितिमायुक्त बनाने के लिए विश्वविद्यालय अभी से प्रयास कर रहा है और इसी मानसून सत्र में परिसर में एक हजार पौधे लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इन पौधों की सुरक्षा के लिए एक हजार ट्री गार्ड भी लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 125 बीघा जमीन पर बनने वाले विश्वविद्यालय की बाउंड्री वॉल तैयार हो चुकी है और इसमें पौधों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त पानी भी मौजूद है। उन्होंने बताया कि पौधों का रोपण बाउंड्री के सहारे-सहारे तथा आर्किटेक्ट के निर्देशन में किया जाएगा ताकि इसका सौंदर्य द्विगुणित हो सके। पौधरोपण में भी यह ध्यान में रखा जा रहा है कि जो पौधे दो से तीन वर्ष में बीस-पच्चीस फिट ऊंचाई तक पहुंच सकें उनका रोपण हो। उन्होंने इसके लिए बाउंड्री के सहारे नीम के साथ-साथ क्रोनोकोरपोटस पौधों को लगाया जा रहा है। इसी प्रकार चंपा, बोगनवेलिया, आम, बरगद, पीपल, पीपली आदि स्थानीय पौधों को भी रोपा जाएगा ताकि यहां की जैवविविधता समृद्ध हो सके।  
  

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सोहनसिंह, शोध निदेशक डॉ. महिपालसिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. नरेन्द्र पानेरी, पुष्पेन्द्र पण्ड्या आदि भी उपस्थित थे।  



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