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Atal Ganesh

25 Mar 2015 11:30 am
यह मंदिर देवस्थान विभाग में आता है. यह मंदिर पूर्व में झोपडी नुमा हुवा करता था, समयानुसार इस मंदिर ने अपना रूप बदला. यहाँ के पुजारी श्री गिरीशचंद्र जी भट्ट के वर्णानुसार जो की पिछले 25 सालो से पूजा करते हुवे आये है. इनसे पहले इनके वंशज पूजा किया करते थे. राजघरानो ने इस मंदिर की स्थापना लगभग 300 वर्ष पूर्व की गई. इस मंदिर में गणपति जी और माँ नागणेशा महारानी की प्रतिमा विराजित है.

गणेशजी की प्रतिमा इतनी पुरानी है की इसकी मरी (वागा, वस्त्र) की यह अपने आप ही उतर गई और फिर इसे माही के जल में विसर्जित किया गया.

मंदिर के खुलने का समय 
प्रात: 7:30 से 11:30 तक 
सायं 9:30 से 6 बजे 
आरती प्रात: 10 बजे 

कार्यक्रम 
गणेश चतुर्थी 

 इस जगह को पहले जुनी मांडवी (मंडी) कहाँ जाता था. दानपुर-रतलाम मार्ग की बसों का बस-स्टैंड हुवा करता था.

जानकारी : श्री गिरीशचंद्र जी भट्ट (पुजारी) 


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