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हाथरस कांड में क्या PFI और भीम आर्मी के बीच कोई कनेक्शन? ED को मिले कई अहम सबूत, जांच जारी

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हाथरस कांड में क्या PFI और भीम आर्मी के बीच कोई कनेक्शन? ED को मिले कई अहम सबूत, जांच जारी
@HelloBanswara -

हाथरस कांड को लेकर प्रवर्तन निदेशाल (ईडी) के हाथ कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस साक्ष्यों में जातीय हिंसा फैलाने की बात है। इसमें पीएफआई और भीम आर्मी के बीच आर्थिक रिश्तों की बात भी सामने आई है। ईडी ने इस मामले जांच शुरू कर दी है। 

ईडी को जांच के दौरान पीएफआई के पदाधिकारियों से कुछ विश्वसनीय साक्ष्य मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पीएफआई और भीम आर्मी के बीच आर्थिक लेन-देने की जांच की जा रही है। पीएफआई के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी ने पिछले दिनों हाथरस कांड में उसकी भूमिका भी की जांच की थी। ईडी की टीम ने दिल्ली से हाथरस जाते समय मथुरा में गिरफ्तार किए पीएफआई के चारों कथित सदस्यों से पूछताछ भी की थी। ईडी एक वेबसाइट के माध्यम से एकत्रित धन के लाभार्थियों की भी जांच कर रहा है। 

हाथरस पुलिस ने जातीय हिंसा भड़काने के मकसद से वेबसाइट बनाकर दुष्प्रचार किए जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया हुआ है। इस मामले की जांच अब एटीएफ कर रही है। वेबसाइट के माध्यम से धन जुटाए जाने के आरोप भी हैं। हाथरस कांड के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की भूमिका भी एसटीएफ की जांच के दायरे में है। इससे पहले शासन स्तर से गठित एसआईटी ने भी अपनी जांच रिपोर्ट में हाथरस कांड के बाद सुनियोजित साजिश रचे जाने की बात कही थी। हाथरस कांड के बाद विरोध प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाने के मकसद से बनाई गई यह वेबसाइट एसटीएफ के भी निशाने पर हैं। यह वेबसाइट ‘जस्टिस फॉर हाथरस विक्टिम’ नाम से बनाई गई थी। 

 

क्या है हाथरस केस

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले  में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ कथित गैंगरेप हुआ था। 29 सितंबर को पीड़िता की दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई थी। इस केस ने पूरे देश को हिला दिया था। इस मामले में सियासत तेज हुई। योगी सरकार को निशाने पर लिया गया।

मामला तब और तूल पकड़ा जब जिला प्रशासन और पुलिस ने जबरन पीड़िता का शव जला दिया और गांव में मीडिया, नेताओ और अन्य लोगों की एंट्री बैन कर दी। इसके बाद इस घटना को साजिश करार दिया गया। घटना की जांच के लिए एसआईट गठित की गई। इसके बाद सीबीआई और ईडी की एंट्री हुई। एसआईटी अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुकी है।

वहीं  सीबीआई और ईडी जांच चल रही है। बाजरा के खेत में 14 सितंबर की सुबह आखिर क्या हुआ था इसकी सच्चाई पता लगाने में सीबीआई लगातार जुटी है। पूछताछ जारी है। कई चीजों को जब्त कर उनके बारे में भी पूरी तहकीकात की जा रही है। सीबीआई ने हाथरस के कृषि विभाग के कार्यालय में अपना कैंप ऑफिस बनाकर डेरा डाला हुआ है। कोतवाली चंदपा में भी सीबीआई के अफसर पड़ताल कर रहे हैं। 

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