Home News Business Covid-19

जिले में बांध-जलाशय अधिक, बर्ड फ्लू की जांच के लिए संसाधन काफी कम

Banswara
जिले में बांध-जलाशय अधिक, बर्ड फ्लू की जांच के लिए संसाधन काफी कम
@HelloBanswara - Banswara -

100 टापुओं वाले बांसवाड़ा जिले में इन दिनों बर्ड फ्लू को लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है। जिसका कारण सुंदनपुर गांव में एक बया पक्षी में एवियन इन्फ्लूएंजा होना प्रमाणित पाया गया। उसके बाद जिले के कुछ क्षेत्रों में मुर्गे -मुर्गियों के मरने की सूचना थी और अब रामोर वडली गांव में लगातार दो दिन में मोर मारनियों की मौत की घटना ने प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है।

रामोरवडली में मोर और माेरनियों की मौत का कारण फेंकी हुई दवाएं या जहरीले बीज खाना बताया जा रहा है। पानी की अधिकता वाले बांसवाड़ा जिले में जलसंसाधन विभाग के 18 और पंचायतों के सभी जलाशय मिलाकर कुल 100 तालाब जिले में हैं। जिसमें माही बांध, कागदी पिकअप वियर, हेरो डैम, सुरवानिया डैम, पीपलोन डैम, भगोरा डैम प्रमुख हैं। जिले में जहां माही बांध और गुजरात के कडाणा बांध का बैक वाटर एरिया काफी बड़ा है। वहीं इसकी तुलना में अभी पशुपालन विभाग के पास एवियन इन्फ्लूएंजा अर्थात बर्ड फ्लू के मद्देनजर जांच करने के लिए डॉक्टर और कर्मचारी काफी कम हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. विजय सिंह भाटी का कहना है कि विभाग ने हर ब्लॉक में रेपिड रिस्पांस टीम गठित की है और करीब 240 संस्थाओं के पदाधिकारी और सदस्य हमें सहयोग दे रहे हैं। इन सभी से कहा गया है कि वे कहीं भी बर्ड फ्लू के लक्षण पक्षियों में दिखाई दें तो उसी समय आरआरटी और जिला मुख्यालय पर उनके कार्यालय में भी इसकी सूचना दें।

जांच के लिए संसाधन बढ़ाने की जरूरत
जिले में पानी की मात्रा अधिक होने कारण यहां पर स्थानीय और विदेशी पक्षियों की खासी बहुलता है। जहां पशुपालन विभाग की टीम से माही बैक वाटर के कुछ हिस्सों में बीट के नमूने लिए हैं लेकिन अभी तक गुजरात के कडाणा बांध बैक वाटर एरिया में पक्षियों में एवियन इन्फ्लूएंजा बर्ड फ्लू की जांच का काम नहीं हुआ है और ऐसे ही हालात ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों के हैं,जहां पक्षियों की खासी बहुलता है। इधर वन क्षेत्रों में भी इस तरह की जांच का कम नहीं हुआ है। ऐसे में जिला प्रशासन आपदा राहत के तहत विभाग के डॉक्टर्स और कर्मचारियों को वाहन और संसाधन मुहैया करवाए तभी जांच का काम प्रभावी होगा और पक्षियों की जान बचाई जा सकेगी।

Air Fiber
शेयर करे

More news

Search
×