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बोर्ड परिणाम 100 फीसदी रहे इसलिए सरकारी स्कूल में रात में भी लग रही कक्षाएं

Banswara
बोर्ड परिणाम 100 फीसदी रहे इसलिए सरकारी स्कूल में रात में भी लग रही कक्षाएं

सीनियर स्कूल पाराहेड़ा में नवाचार, पीईईओ ने अपने स्तर पर बच्चों के ठहरने की व्यवस्था की

सरकार और शिक्षा विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी कई स्कूलों में परीक्षा परिणाम सुधर नहीं रहे। कारण स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर स्कूल स्टाफ से लेकर विभाग तक गंभीर नहीं हैं।

इन सबके बीच भी कई शिक्षक ऐसे हैं जो नवाचार और अपने कर्तव्यों की पालना करते हुए नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गढ़ी ब्लॉक में स्थित पाराहेड़ा गांव का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय न सिर्फ ब्लॉक स्तर पर बल्कि जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्योंकि इन दिनों यह स्कूल पूरी तरह से गुरुकुल में बदल चुका है। जहां स्कूल समय से पहले, और रात को भी अतिरक्त कक्षाएं लग रही है। इस सबके पीछे कारण यह है कि यहां के पीईईओ को बोर्ड का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रखना है। स्कूल के पीईईओ डॉ. संतराम बेदी ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का परिणाम शत प्रतिशत प्राप्त करने और बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के मकसद से कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं शुरू कर दी है। बच्चों को रात को भी स्कूल में रोककर उन्हें अध्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए स्कूल के विशेषज्ञ शिक्षकों को भी नियुक्त किया गया है जो पूरी तरह से संस्थाप्रधान की मुहीम में सहयोग कर रहे हैं। स्कूल में 10वीं के 28 और 12वीं के 18 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।



सुबह अंग्रेजी-हिंदी की अतिरिक्त कक्षाएं
स्कूल में सुबह और रात को बच्चों को करवाई जा रही पढ़ाई का कार्य संस्थाप्रधान की देखरेख में किया जा रहा है। गांव के बच्चों के लिए संस्थाप्रधान ने यह व्यवस्था अपने स्तर पर निशुल्क की है। बच्चों को सर्दी में कोई तकलीफ नहीं हो उसके लिए बिस्तर की भी व्यवस्थाएं की गई हैं। ताकि पढ़ाई के बाद वो आराम कर सकें। कक्षा 9, 10, 11, 12 की छात्राओं के लिए सुबह 9.30 बजे से सुबह 10.30 बजे तक अंग्रेजी और हिंदी की अतिरिक्त कक्षाएं नियमित लगाई जा रही हैं। इसके लिए गांव के लोगों को भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

लक्ष्य हासिल करके रहेंगे- परीक्षा प्रभारी
बोर्ड परीक्षा प्रभारी ऋतिक पाटीदार ने बताया कि कक्षा 10 की गणित विषय के अध्यापन के लिए स्वयं और अंग्रेजी के लिए रमणलाल पाटीदार, विज्ञान के लिए परेश रावल और हिंदी के लिए नरेंद्र खराड़ी को विद्यालय में रोककर अध्यापन कराया जा रहा है। ठीक इसी प्रकार 12वीं के छात्रों के लिए भूगोल विषय के लिए दुर्योधन कटारा, हिंदी के लिए लातुर मीणा, रात को स्कूल में ही रुककर पढ़ाई करवाई जा रही है। प्रभारी ने बताया कि किसी भी हालत में मिशन 100 प्रतिशत को हासिल किया जाएगा। क्योंकि न सिर्फ विद्यार्थी बल्कि पूरे गांव का सहयोग मिल रहा है।

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