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सुंदनपुर की बया में बर्ड फ्लू संक्रमण, विदेशी पक्षियों की बीट-पोल्ट्रीफार्म से सैंपलिंग तेज

Banswara
सुंदनपुर की बया में बर्ड फ्लू संक्रमण, विदेशी पक्षियों की बीट-पोल्ट्रीफार्म से सैंपलिंग तेज
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भोपाल से आई रिपोर्ट में एक बया में संक्रमण की पुष्टि, 4 जनवरी को भेजे थे सात बया के सैंपल

 

जिले में बर्ड फ्लू की एंट्री हाे चुकी है। शहर से 13 किमी दूर सुंदनपुर गांव में 4 जनवरी काे मृत मिली 7 बया में से एक काे एवियन इन्फ्लूएंजा H5N1 का संक्रमण था। जिसकी जांच रिपोर्ट शुक्रवार काे भोपाल लैब से आई। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. विजय सिंह भाटी ने बताया कि सुंदनपुर में मृत मिले सात बया पक्षियों के नमूने भोपाल लैब में जांच के लिए भेजे गए थे। भोपाल लैब से जांच के बाद आई रिपोर्ट में सुंदनपुर में मृत मिल एक बया पक्षी को एवियन इन्फ्लूएंजा का संक्रमण था।

इसकाे लेकर संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग बांसवाड़ा कार्यालय की ओर से बर्ड फ्लू के मद्देनजर जांच शुरू कर दी है। नोडल ऑफिसर डॉ. विशाल मेहता ने बताया कि शुक्रवार को शहर के दो मुर्गी विक्रेताओं के यहां और एक पोल्ट्री फार्म पर मुर्गा-मुर्गी की जांच कर क्लाेयूकल के नमूने लिए। वहीं माही बैक वाटर एरिया में चाचाकोटा क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की बीट के दस नमूने लिए।

हमारे लिए खतरा... विदेशों से आने वाले पक्षियों से बढ़ा
भारत में बर्ड फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बांसवाड़ा में यह विदेशों से आने वाले पक्षियों से आने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके लिए माही बैकवाटर में पक्षियों की बीट के नमूने लिए जा रहे हैं।

क्या है एवियन इन्फ्लूएंजा
बर्ड फ्लू या पक्षी इन्फ्लूएंजा या पक्षी फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) एक विषाणु जनित रोग है। यह विषाणु जिसे इन्फ्लूएंजा ए या टाइप ए विषाणु कहते हैं, आम तौर में पक्षियों में पाया जाता है, लेकिन कभी-कभी यह मानव सहित अन्य कई स्तनधारिओं को भी संक्रमित कर सकता है, जब यह मानव को संक्रमित करता है तो इसे इन्फ्लूएंजा (श्लेष्मिक ज्वर) कहा जाता है।

किन लोगों को होता है बर्ड फ्लू का खतरा
H5N1 में लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता होती है। संक्रमित पक्षियों के मल और लार में ये वायरस 10 दिनों तक जिंदा रहता है। दूषित सतहों को छूने से ये संक्रमण फैल सकता है। अगर इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को होता है। हालांकि अभी ऐसा एक भी केस नहीं आया है।

बर्ड फ्लू के लक्षण- बर्ड फ्लू होने पर आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती है। अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं।

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