स्टार मार्क प्रकरणों की हुई समीक्षा

Updated on June 11, 2019 Other
स्टार मार्क प्रकरणों की हुई समीक्षा, Banswara "स्टार मार्क प्रकरणों की समीक्षा के लिए विशेष बैठक ली और अधिकारियों द्वारा इस संबंध में की जा रही कार्यवाही के बारे में....."

Banswara June 11, 2019 - जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने सोमवार को स्टार मार्क प्रकरणों की समीक्षा के लिए विशेष बैठक ली और अधिकारियों द्वारा इस संबंध में  की जा रही कार्यवाही के बारे में जानकारी लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए । 
 

मुख्यमंत्री महोदय की यात्रा दौरान प्राप्त प्रकरणों के साथ कलेक्ट्रेट में प्रतिदिन आने वाले प्रकरणों को स्टार मार्क प्रकरण में दर्ज करने के बाद कलेक्टर ने  इसकी विशेष समीक्षा के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों से प्रकरणों पर कार्यवाही की जानकारी लेकर परिवादियों को राहत देने को कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि जनहित को देखते हुए वे प्रकरणों को प्रोसेस और रिपोर्ट में ना उलझाते हुए संबंधित को तत्काल राहत देने का जज्बा रखें ताकि सरकार की मंशाएं पूर्ण हो सकें। कलक्टर गुप्ता ने इस दौरान संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों से एक-एक कर एक सौ से अधिक प्रकरणों के निस्तारण पर जानकारी ली तथा कई प्रकरणों के निस्तारण पर संतुष्टि जताते हुए शेष प्रकरणों को जल्द से जल्द निबटाने के भी निर्देश दिए। बैठक में उप वन संरक्षक सुगनाराम जाट, एडीएम राजेश वर्मा, सीईओ गोविन्द सिंह राणावत और समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। 
इन प्रकरणों पर हुई चर्चा:  
बैठक में कलक्टर गुप्ता ने लोधा तालाब की सफाई के लिए सरपंच के पत्र पर कार्यवाही के लिए मयूर मिल प्रबंधन से संपर्क करने को कहा वहीं पौधरोपण में अनियमितताओं की शिकायत पर कार्यवाही के लिए जिला परिषद सीईओ को निर्देश दिए। मीडियाकर्मियों द्वारा मुख्यमंत्री महोदय से की गई प्रेस भवन की मांग पर जानकारी लेने पर एईएन प्रभुलाल भाभोर ने पत्रकार कॉलोनी में भूमि के चिह्नीकरण की जानकारी दी। इसी प्रकार कागदी नाले के सौंदर्यीकरण पर तैयार डीपीआर व क्रियान्वयन के लिए बजट की उपलब्धता पर नगरपरिषद को कहा। उन्होंने हण्डेªड आईलेण्ड परियोजना के लिए पर्यटन निदेशक द्वारा टीम भेजने की जानकारी दी और इसके लिए विभागीय अधिकारी को तैयारी करने को कहा। कलक्टर ने ई-राशन कार्ड की तैयारी और अन्य प्रकरणों पर संबद्ध अधिकारियों से जानकारी लेकर निर्देश दिए। 
राहत देने में कोताही न बरतें:  
बैठक में कलक्टर ने मुख्यमंत्री सहायता कोष के प्रकरणों के निस्तारण के प्रकरणों की जानकारी चाही तो राहत अनुभाग के लिपिक द्वारा चार-पांच प्रकरणों को साथ में लाकर निस्तारित करने की बात कही। कलक्टर ने राहत देने में इस प्रकार की ढिलाई पर नाराजगी जताई और प्रकरणों के इकठ्ठा होने पर भेजने के रवैये को अनुचित बताया। उन्होंने दुर्घटना में घायलों और मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत देने के निर्देश देते हुए कहा कि पीड़ित को राहत तत्काल मिले, यही सरकार की मंशा है। उन्होंने राहत अनुभाग प्रभारी को हाथों-हाथ हर दिन प्रकरण निस्तारण करने को कहा और यह भी निर्देश दिए कि अखबारों में प्रकाशित समाचार पर भी पीड़ित को राहत दी जा सकती है।



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