आपके आजके कृत्य कल का भविष्य निर्धारण करते: उत्तम स्वामी

Updated on June 17, 2019 Dharm(Religion)Adhyatma
आपके आजके कृत्य कल का भविष्य निर्धारण करते: उत्तम स्वामी , Banswara " बूंद का लक्ष्य समुन्द्र होता है, वैसे ही आत्मा का लक्ष्य परमात्मा ही होना चाहिए। मन, बुद्धि, आत्मा का त्रिवेणी संगम हो तब परमात्मा का मिलन होता है। "

Pratapgarah June 17, 2019 - ईश्वर का आश्रय लेने से दुखों का विनाश होता है। बूंद का लक्ष्य समुन्द्र होता है, वैसे ही आत्मा का लक्ष्य परमात्मा ही होना चाहिए। मन, बुद्धि, आत्मा का त्रिवेणी संगम हो तब परमात्मा का मिलन होता है। आज झांसडी स्थित प्रतापगढ़ जिले के प्रसिद्ध तीर्थ रोकड़िया हनुमान जी में ध्यान योगी महर्षि उत्तम स्वामी महाराज ने श्रीराम कथा में ईश्वर को प्राप्त करने का मर्म सरलता से समझाया। 
    उत्तम स्वामी जी ने कहा - आप स्वयं दशरथ हैं जो 5 कर्मेंद्रियों, 5 ज्ञानेंद्रियों के दस रथ पर सवार हो, और यदि इन दसों इन्द्रियों को आत्मा के साथ ईश्वर चिंतन, भजन, गायान, पूजन, श्रवण कीर्तन में लगाएं। उत्तम  स्वामी ने कहा कि अयोध्या में भगवान शिव और काक भूसुंडी ने पण्डित ज्योतिषि शंकरानन्द व शिष्य के रूप में आकर प्रभु श्री राम के दर्शन किए। 
       कथा से पूर्व मुख्य यजमान पूर्णाशंकर व्यास परिवार, ने पूजन किया। पोथी पूजन किशनलाल कुमावत एडवोकेट व कुमावत परिवार ने किया। आरती के यजमान राजकुमार गुर्जर व गुर्जर परिवार ने किया। भोजन प्रसादी भंडारा समस्त राजपूत समाज, झांसडी  द्वारा किया गया। 
        संगीतमय श्रीराम कथा में भक्त जनों ने भजनों पर कीर्तन नर्तन किया। :
       स्वामी जी ने कहा जिसके घर में तुलसी का पोधा, गो सेवा, गायत्री मंत्र जाप, गंगाजल और ध्वज हो वहां समस्त वास्तु दोषों का नाश होकर सुख शांति होती है।  
     गेबिनाथ मठ के संत रामदास त्यागी - राम बाबा, धार मध्यप्रदेश विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री रोकड़िया हनुमान जी मन्दिर ट्रस्ट के ओमप्रकाश ओझा, भंवरलाल व्यास, प्रकाश व्यास बगदीराम कुमावत आदि ने सराहनीय सेवाएं दी। 
      कथा में रोकड़िया हनुमान जी में कई दूर दूर से भक्त आए और आशीर्वाद लिया आशुतोष ओझा, कैलाश जोशी, भंवर माता ट्रस्ट छोटीसादड़ी के मंत्री प्रहलाद राय साहू, ताराशंकर सुथार , राघवेन्द्र सिंह जाड़ा वत , सत्य नारायण चोधरी, रवि सोनी , विमल बंसल, ओम टांक , कैलाश जोशी पूर्व उपनिदेशक, नंदलाल नायक मोटा टांडा, चन्द्रशेखर मेहता, घनश्याम चोधरि इंदौर, सुनील भट्ट, मुकेश भावसार,  विकास व्यास , महिपाल सिंह राजपुरोहित पाली, विजय भाई केवट भोपाल, करण भाई इंदौर, चिंटू पालीवाल, पण्डित दिव्य भारती पंड्या आदि ने आशीर्वाद लिया। संचालन सिद्धेश्वर जोशी ने किया। 
 



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