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गटू नाहरपुरा जंगल में छिपा था, पकड़ने गए एएसआई को पत्थर से वार कर किया घायल, घेराबंदी कर पकड़ा

गटू नाहरपुरा जंगल में छिपा था, पकड़ने गए एएसआई को पत्थर से वार कर किया घायल, घेराबंदी कर पकड़ा
@HelloBanswara -

कोर्ट में ले जाते वक्त पुलिस को चकमा देकर भागे ज्यादती के आरोपी गटू कटारा को दो दिन बाद बुधवार को नाहरपुरा के जंगल से पकड़ लिया गया। हालांकि इससे पहले गटू ने दो दिन तक पुलिस को जंगल में खूब छकाया। जंगल में गटू एक एएसआई से भी गुत्थम -गुत्था हो गया और पत्थर मारकर भाग गया। पत्थर लगने से एएसआई भी घायल हो गया। जंगल होने से बार-बार गटू की लोकेशन गायब होने से पुलिस भी परेशान होती रही। उसके पकड़े जाने पर मन्नत तक मांगी और रातभर जंगल में ही डेरा जमाया। अगली सुबह घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

फरार होने के बाद गटू नाहरपुरा जंगल में तो जा छिपा था लेकिन उसके पास खाने और आगे छिपे रहने के लिए रुपए नहीं थे। इसलिए उसने गुजरात के राजकोट निवासी रामभाई भारवार नाम के शख्स को कॉल किया। गटू बचपन से ही वहीं रहा है और उनका ट्रैक्टर चलाता है। गटू ने कॉल कर राजकोट लौटने की मंशा जताते हुए बताया कि उसके पास रुपए नहीं है। इसी कॉल की वजह से गटू पुलिस की पकड़ में आ गया।

थानाधिकारी कपिल पाटीदार ने बताया कि जब गटू को कोर्ट में पेश करने ले जा रहे थे तब वह नवागांव निवासी उसके जीजा लालू का बार-बार नाम लेते हुए उसे जमानत देने के लिए बुलाने की बात कर रहा था। फरार हाेने के बाद हमें शक हुआ कि गटू उसके जीजा लालू के पास जा सकता है। इस पर लालू से पूछताछ की तो उसने बताया कि गटू उसके पास तो नहीं आया लेकिन राजकोट के रामभाई पास जा सकता है जिसका वह ट्रैक्टर चलाता है। इस पर रामभाई को कॉल कर पूरे घटनाक्रम के बारे जानकारी दी और समझाया कि गटू उनके पास आए तो पुलिस की मदद करे। मंगलवार को रामभाई को गटू ने कॉल किया तो उन्होंने पुलिस को जिस नंबर से कॉल आया वह बता दिया। इस पर उस नंबर की लोकेशन निकलवाई तो वह नाहरपुरा जंगल मिली।

जंगल में गटू पकड़ में आ जाए इसलिए पुलिस ने ली मन्नत : जब गटू की लोकेशन जंगल में मिली तो पुलिस भी थोड़ी असमंजस में पड़ी कि आखिर उसे बीहड़ में कैसे पकड़े। परेशानी यह भी कि बार-बार लोकेशन गायब भी हो रही थी। इस पर पुलिस ने भैरवजी मंदिर में मन्नत भी मांगी कि गटू पकड़ में आ जाए। लोकेशन को तलाशते हुए पुलिस टीमें नाहरपुरा जंगल में घुसी। जहां गटू एक पहाड़ी से दूसरी पहाड़ी पर छिपता रहा और पुलिस को दिनभर छकाता रहा। अनास नदी के किनारे बीहड़ होने से गटू को भी छिपने में फायदा मिला। आखिर अंधेरा हो जाने पर पुलिस ने जंगल में ही डेरा डाला। बुधवार सुबह पुलिस को इत्तला मिली कि गटू नाहरपुरा के जंगल में जाने वाले रास्ते की तरफ देखा गया है जो नाहरपुरा में उसकी बुआ कमली के जा सकता है। इस पर कमली के घर की घेराबंदी कर गटू को धर दबोचा। गौरतलब है कि ज्यादती का आरोपी गटू दो दिन पहले बागीदौरा में जज के आवास पर पेश करने के दौरान दो मंजिल से कूदकर फरार हो गया था। इस मामले में एसपी ने एएसआई नरपतसिंह और कांस्टेबल प्रदीप को सस्पेंड कर दिया था।  

एएसआई से हुआ गुत्थम-गुत्था, कमर व पैरों पर पत्थर मारे  
छिपता फिर रहा गटू जंगल में एक बार एएसआई हरीशचंद्र के सामने आया गया। इस पर एएसआई उसे पकड़ने टूट पड़े तो गटू उनसे गुत्थम-गुत्था हो गया। इसी बीच गटू ने पत्थर से एएसआई पर वार शुरू कर दिए। ताबड़तोड़ पत्थर से कान, कमर, पैर पर वार से एएसआई घायल हो गया। जिस पर गटू मौके से भाग निकला। लेकिन बाद में एएसआई हरिशचंद्र, एएसआई नरपतसिंह, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, रवींद्रपुरी, कल्याणसिंह ने गटू को घेराबंदी कर पकड़कर ही दम लिया।  
 

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