बागी रावत ने बांट डाले 1.83 लाख के 36 हजार बैट, जाने किस किस ने कितने खर्च किये चुनाव के लिए

Updated on December 5, 2018 Politics
बागी रावत ने बांट डाले 1.83 लाख के 36 हजार बैट, जाने किस किस ने कितने खर्च किये चुनाव के लिए, Banswara "Come to know about election expense by candidates"

चुनावी ऑडिट : प्रत्याशियों के चुनावी खर्च का हिसाब-किताब, कांता का सबसे ज्यादा खर्चा पेट्रोल भरवाने में 


विधानसभा चुनाव के प्रचार में प्रत्याशियों के खर्चों में रोचक तथ्य सामने आए हैं। भाजपा से बागी होकर बांसवाड़ा सीट से निर्दलीय मैदान में डटे धनसिंह रावत अपना चुनाव चिह्न बेट लेकर प्रचार कर रहे हैं। रोचक यह है कि उन्होंने अब तक प्रचार में 1.83 लाख रुपए के प्लास्टिक के बैट बांट दिए हैं। एक बैट 5 रुपए का बताया है। इस हिसाब से उन्होंने 36,700 बैट बांट दिए है। घाटोल से भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र निनामा ने 76 हजार की टोपियां और 75 हजार के मफलर बांटे हैं। प्रत्येक की कीमत 15-15 रुपए बताई है। गढ़ी से कांग्रेस प्रत्याशी कांता भील ने सबसे ज्यादा 1.87 लाख का खर्चा वाहनों में पेट्रोल भरवाने में दिखाया है। बांसवाड़ा से भाजपा प्रत्याशी हकरू मईड़ा ने अपने खर्च में चुनावी सभा और प्रचार का कोई खर्चा ही नहीं बताया है। अब तक सबसे ज्यादा खर्चा गढ़ी से भाजपा के प्रत्याशी कैलाश मीणा ने दर्शाया है। उन्होंने अब तक 14.92 लाख रुपए खर्च किए है। निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रत्याशी 28 लाख रुपए तक ही खर्च कर सकते हैं। वहीं कुशलगढ़ से फतेहसिंह ने मात्र 6 हजार रुपए का ही चुनावी खर्च बताया है। इसमें भी उन्होंने सबसे ज्यादा 500 रुपए चाय पर खर्च किए हैं।

निर्वाचन विभाग निर्धारित तारीख पर प्रत्याशियों से प्रचार पर खर्च किए गए खर्च का हिसाब मांगता है। इसके लिए विशेष तौर पर टीमें लगाई गई हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण करके प्रत्याशियों की ओर से दिए गए हिसाब को जांचती हैं। प्रत्याशियों के खर्च पर निगाह रखने के लिए 2 पर्यवेक्षक भी निगरानी रख रहे हैं।

कैलाश मीणा ने सबसे ज्यादा 14 लाख 92 हजार 162 रुपए चुनावी खर्चा किया
अर्जुन बामनिया : नाश्ते पर सबसे ज्यादा 17 हजार 
बांसवाड़ा विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी बामनिया के खर्च में सबसे ज्यादा पूर्व सीएम गहलोत की सभा की राशि। जिसमें गहलोत की सभा में 80 बसें ले जाई गई, जिसका खर्च 2 लाख 40 हजार रुपए जोड़ा गया है। इसके अलावा बामनिया के खाते में अंतर की राशि 2 लाख 98 हजार 691 रुपए आंकी गई है। इसके बाद इन्होंने सबसे ज्यादा खर्च चाय नाश्ते पर 17 हजार 341 रुपए बताया गया है। 
 

हकरु मईड़ा : न कोई सभा की, न ही प्रचार किया 
हकरु मईड़ा ने सिर्फ फ्लेक्स प्रिंटिंग का खर्च ही बताया है। वो भी कुल 1,24968 रुपए है। उनके चुनावी खर्च में न तो कोई सभा है और न ही प्रचार सामग्री। उनके खाते में पीएम मोदी के विजिट का 9 लाख 15 हजार 588 रुपए जोड़े गए। तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा 11 लाख 48 हजार 466 रुपए खर्च किए।

खेमराज गरासिया : 1.18 लाख वाहन का खर्चा 
खेमराज ने अब तक 13 लाख 35 हजार 590 रुपए का खर्चा किया है। जिसमें 9 लाख 15 हजार 588 रुपए मोदी की सभा के जुड़े हुए है। इसके अलावा इन्होंने 1 लाख 18 हजार 90 रुपए वाहन के खर्च में ही लगा दिए। इसके अलावा डीजे में 10 हजार, मफलर के 3 हजार, टेंट के 20 हजार 400 रुपए खर्चे किए। इसके अलावा बिछात, माइक, एलईडी, प्रतिभूति और स्टेज का खर्चा शामिल है 

भीमा भाई : राशि में अंतर पर मिला आयोग का नोटिस 
कुशलगढ़ से भाजपा के प्रत्याशी भीमा भाई को तो चुनावी खर्च पर नोटिस भी जारी किया गया था। दरअसल 16 नवंबर को 128760 रुपए और 22 नवंबर को 37485 रुपए अंतर राशि आई थी। जिसको लेकर रिटर्निंग अधिकारी ने नोटिस जारी किया था। इसके अलावा उन्होंने बस व क्रूजर पर 1 लाख 44 हजार रुपए खर्च कर दिए। भीमा भाई के ब्योरे में भी चुनावी खर्च में अंतर आने पर उन्हें नोटिस दिया गया है। 

हरेंद्र निनामा : खुद के 2 लाख, मोदी की सभा के 9 लाख जुड़े 
घाटोल से भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र ने 76000 रुपए की टोपी ही बांट दी। जो उनके चुनावी खर्च में सबसे ज्यादा है। इसके बाद उन्होंने सबसे ज्यादा 75000 रुपए के मफलर बांट दिए। इसके अलावा उन्होंने टेंट व अन्य सामग्री पर 24 हजार 23 रुपए खर्च किए हैं। हरेंद्र ने कुल करीब 1 लाख 99 हजार 373 रुपए खर्च किए। इनके खाते में पीएम मोदी के विजिट का 9 लाख 15 हजार 588 रुपए जोड़े गए। हरेंद्र ने कुल 2 लाख 753 रुपए खर्च किए।

नानालाल निनामा : खुद का वाहन लेकर ही प्रचार कर रहे 
सबसे ज्यादा स्वयं के वाहन का खर्च 77820 रुपए बताया है। इसके अलावा उन्होंने टेंट और उसकी सभी सामग्री पर कुल 80157 खर्च किए। इसके अलावा उन्होंने पानी पर 1400 और चाय-नाश्ते पर 2980 रुपए खर्च किए। इसी तरह से उन्होंने प्रचार सामग्री पर 11175 रुपए खर्च किए। वहीं नानालाल ने कुल 2 लाख 26 हजार 7 रुपए खर्च किए हैं। 

एक कांग्रेस से बागी तो दूसरा भाजपा से, उतरे निर्दलीय 
रमीला खड़िया: अब तक आधा खर्चा प्रचार सामग्री पर 
कुशलगढ़ से निर्दलीय प्रत्याशी रमीला खडिया ने कुल चुनावी खर्च 1 लाख 77 हजार 40 रुपए किया। जिसमें उन्होंने प्रचार सामग्री में सबसे ज्यादा करीब 41740 रुपए खर्च किए हैं। इसके अलावा उन्होंने गाड़ी पर मात्र 16000 रुपए ही खर्च किए। रमीला और निर्वाचन आयोग के कुल में अंतर आने के कारण उन्हें नोटिस दिया गया है। 

महेंद्रजीतसिंह मालवीया : 9.89 लाख का खर्चा 
बागीदौरा से कांग्रेस के प्रत्याशी मालवीया ने केवल 25 नवंबर तक सभा और प्रचार में ही 8 लाख 72 हजार 360 रुपए खर्च कर दिए। अगले चार दिन में खर्चा बढ़कर 9 लाख 9 हजार 843 रुपए पहुंच गया। उन्होंने कुल 9 लाख 89 हजार 843 रुपए खर्च किए। 

कैलाश मीणा: सबसे ज्यादा 14 .92 लाख खर्चे 
मीणा का सबसे ज्यादा खर्चा चुनावी सभा में हुआ, जिसमें टेंट की सभी सामग्री पर कुल 40954 और हेलीपेड बनाने में 60000 रुपए खर्च हुए। इसके अलावा उनके खर्च में 11 हजार चांदी की सांकली भी है। इसके अलावा डीजल और चालक पर 8920 रुपए खर्च किए। उनके खाते में पीएम मोदी के विजिट का 9 लाख 15 हजार 588 रुपए जोड़े गए। कैलाश ने सबसे ज्यादा 14 लाख 92 हजार 162 रुपए खर्च किए। 

कांता भील : चाय-नाश्ते पर 11 हजार 
गढ़ी से कांग्रेस प्रत्याशी कांता भील ने सबसे वाहन और पेट्रोल पर खर्च किया। जिसमें कुल 1 लाख 87 हजार 323 रुपए किए हैं। खास बात यह है कि जहां से उनके वाहनों में पेट्रोल भराया गया है, वे पंप उनके बेटे नाम ही है। इसके अलावा उन्होंने चाय-नाश्ते पर कुल 11 हजार 410 रुपए खर्च किए हैं। कांता ने कुल 3 लाख 58 हजार 935 रुपए खर्च किए। 

धनसिंह रावत : डीजल पर सिर्फ 4 हजार खर्चे, 1.99 लाख के पैम्पलेट 
भाजपा से बागी हुए निर्दलीय प्रत्याशी रावत ने बेट बांटने में 1 लाख 83 हजार 500 रुपए और पैम्पलेट छपवाने में 1 लाख 99 हजार 500 रुपए खर्च कर दिए। उनका जोर प्रचार सामग्री पर ही रहा। इसके अलावा उन्होंने डीजल पर सिर्फ 4000 रुपए ही खर्च किए। रावत ने कुल 4 लाख 83 हजार 420 रुपए चुनावी खर्च किया है। 

 

By दीपेश मेहता/चिराग द्विवेदी - भास्कर बांसवाड़ा 



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