बाल विवाह का मामला : मैं पढ़ना चाहती हूं, मेरी शादी रुकवाओ

Updated on April 14, 2019 Crime
बाल विवाह का मामला :  मैं पढ़ना चाहती हूं, मेरी शादी रुकवाओ  , Banswara "मेरे माता-पिता ने मुझे छोटे से बड़ा किया है। मुझे दुख है कि मुझे उनके खिलाफ जाना पड़ रहा है, लेकिन मैं गलत नहीं हूं और मेरे माता-पिता भी गलत नहीं है। बस फर्क जागरुकता की कमी है। मैं पढ़ना चाहती हूं, मेरी शादी रुकवाओ "

साहब! मैं पढ़ना चाहती हूं, मेरी शादी रुकवाओ  

बाँसवाड़ा के छोटी सरवन में कटुंबी, नागखली गांव का बाल विवाह का मामला सामने आया जिसमे गांव की 17 साल की एक नाबालिग ने तहसीलदार के पास पहुंचकर अपने बाल विवाह पर अपने ही माता पिता के खिलाफ दर्ज करते हुवे कहाँ कि मुझे यह पता है कि शिकायत करने के बाद भी जबरदस्ती मेरी शादी करवा दी जाएगी। फिर भी मेरा विश्वास कानून पर है। जहां तक संभव होगा, मैं शादी नहीं करूंगी। बाकी कानून और भगवान की मर्जी। मेरे परिजन मेरी शादी करवाकर सपनों की उड़ान के पर काटने चाहते हैं। शादी कर घर के काम-काज में न उलझ कर मैं पढ़ लिखकर मेरा और परिवार का नाम रोशन करना चाहती हूं। तहसीलदार साहब आप इन्हें पाबंद करके ही मत जाना। किसी भी हाल में मेरी शादी नहीं होनी चाहिए।

छोटी सरवन तहसील में लड़की द्वारा रिपोर्ट देने के बाद तहसीलदार और पटवारी ने मौके पर जाकर लड़की के परिजनों को पाबंद किया। बताया कि लड़की ने हाल ही में हुई 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है।  
यहां भी रुकवाए बाल-विवाह वहीं दानपुर थाने में भी दो बेटियों के बाल-विवाह की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद तहसीलदार और पटवारी ने परिजनों से लड़की के जन्म के दस्तावेज मांगे। इस पर परिजनों के पास दस्तावेज नहीं मिले। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की पार्वती कटारा ने भी मौके पर पहुंच पिता से समझाइश की। इसके बाद परिजनों को पाबंद किया। इस बालविवाह में बारात बांसवाड़ा से एक सरकारी कर्मचारी के घर से आने वाली थी। ऐसे में सवाल यह है कि सरकारी कर्मचारी जागरूक होकर भी ऐसे काम करेंगे तो दूसरों पर क्या भरोसा जताएंगे। इस कार्रवाई में छोटी सरवन तहसीलदार अलीमुद्दीन, गिरदावर सतीश वागले, पटवारी नारायण भोई, बाल विकास विभाग के अधिकारी, दानपुर पुलिस मौजूद रही। 



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