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करियर को दें नई करवट : ओपन एजुकेशन 

article - 25 May 2018 04:58 pm

May 25, 2018 - करियर को दें नई करवट : ओपन एजुकेशन 

देश के गांवों में रहने वाले लाखों भारतीय और किसी भी मजबूरी के चलते अपनी माध्यमिक शिक्षा को पूरा करने में असमर्थ लोग अब ओपन एजुकेशन के जरिए शिक्षा की ओर अपना कदम बढ़ा सकते हैं और एक अच्छे करियर की शुरुआत कर सकते हैं। भारत में ओपन स्कूल के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि महंगाई के इस दौर में शिक्षा भी पीछे नही रही है और ओपन एजुकेशन उन लोगों के लिए एक सार्थक प्रयास है जो आर्थिक समस्या के चलते या दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने की वजह से अपनी मध्यमिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं। 

एक सर्वे के मुताबिक शिक्षा में भारत का सकल नामांकन अनुपात लगभग 12 प्रतिशत है, वहीँ विकसित देशों में यह रेश्यो 70 प्रतिशत है, इसलिए हमारी सरकार के साथ-साथ देश में कई ऐसे एजुकेशनिस्ट भी है जो ‘ग्रामीण क्षेत्रो तक शिक्षा को पहुंचाने’ 'शिक्षा को सभी के लिए सुलभ' बनाने हेतु शिक्षा के एक अन्य माध्यम के तौर पर ओपन एजुकेशन के विकास पर जोर दे रहें है। ओपन स्कूल्स के कारण देश के गाँवों में रहने वाले लाखों भारतीयों को अफोर्डेबल फीस में क्वाकलि‍टी एजुकेशन मि‍ल रही है। 

यह कर रहे हैं काम -
देश में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान तथा ग्रामीण मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, राज्य ओपन स्कूल जैसे राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल, छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, हिमाचल प्रदेश ओपन स्कूल आदि जैसे मुक्त विद्यालय हैं जो ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों तक माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा के साथ-साथ वोकेशनल या शोर्ट टर्म कोर्सेज भी उपलब्ध करा रहे है जिससे वह लोग जिनकी किसी कारणवश पढाई पूरी ना हो पाई हो उन तक शिक्षा का एक श्रोत पहुंचाते हैं और एक अच्छे रोजगार और करियर बनाने में मदद करते हैं। इन ओपन स्कूल्स में स्टूडेंट्स बिना स्कूल आये अपनी पढाई पूरी कर सकते हैं। इन मुक्त विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना है।

क्या है ख़ास -
ओपन स्कूल्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वो लोग जो आर्थिक स्थिति के चलते या किसी भी कारणवश अपनी पढाई पूरी करने में असमर्थ हैं, उन्हें कम पैसो में शिक्षा उपलब्ध करते हैं। जो लोग नौकरी के चलते अपनी पढाई पूरी ना कर सके हो वह भी इन ओपन स्कूल्स से अपनी फील्ड का वोकेशनल कोर्स करके उस फील्ड में महारत हासिल कर अच्छा करियर भी बना सकते हैं। इसमें एक खासियत यह भी हैं कि आप अपनी जरुरत के अनुसार कोई भी विषय चुन सकते है। इसके अंतर्गत आप एक भाषा संबंधी विषय भी चुन सकते हैं और इसमें प्रवेश करने के लिए अधिकतम आयु सीमा नही होती है। इन ओपन स्कूल्स से आप बेसिक एजुकेशन, दसवी, बारहवीं के आलावा वोकेशनल कोर्स कर सकते हैं। 

और भी हैं विकल्प -
दसवीं और बारहवीं के आलावा कई प्रकार के वोकेशनल कोर्सेज हैं जो ओपन स्कूल्स उपलब्ध कराता है जैसे फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी कल्चर, जेरियाट्रिक केयर, हेयर स्टाइलिस्ट, फुटवियर टेक्नोलॉजी ऐंड लेदर गुड्स मेकिंग, ज्वैलरी डिजाइनिंग, ट्रैवल ऐंड टिकटिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, फाइनेंस, अकाउंटेंसी ऐंड ऑडिटिंग, इलेक्ट्रॉनिक इन्स्ट्रूमेंट्स रिपेयरिंग आदि इसके आलावा इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट, फायर एंड सेफ्टी, कंप्यूटर और आईटी से जुड़े 100 से भी ज्यादा कोर्सेज हैं जिसको करके अभ्यर्थी एक अच्छा करियर बना सकता है। 

टेक्नॉलॉजी है मददगार -
जरूरतमंद लोगों तक शिक्षा पहुंचानी वाली संस्था ग्रामीण मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के चेयरमैन डॉ. शबाब आलम के मुताबिक मुक्त विद्यालय प्रणाली में टेक्नॉलॉजी का सबसे बड़ा फायदा है। इंटरनेट के माध्यम से शिक्षा प्राप्त की जा सकती है और विद्यार्थी कहीं भी और कभी भी अपनी शिक्षा से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. शबाब आलम के मुताबिक विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं, लेख, ब्लॉग आदि पढ़ सकते हैं। ग्रुप डिस्कशन में भाग ले सकते हैं और समृद्ध विषय-सामग्री द्वारा अध्ययन कर सकते हैं। वर्चुअल क्लास रूम्स, पठनीय एवं अन्य संवादपूर्ण सामग्री, स्वाध्याय सामग्री, रिकॉर्डेड प्रस्तुतियों और शेयर्ड ब्राउजिंग का भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त छात्रों को सेल्फ लर्निंग मैटीरियल दिया जाता है, जिसमें सहायता के लिए हर सेंटर पर कॉन्टैक्ट क्लासेज होती हैं। 

आवेदन की प्रक्रिया -
सेकेंडरी कोर्स में प्रवेश के लिए आठवीं पास होना जरूरी है। सीनियर सेकेंडरी सर्टिफिकेट कोर्स करने के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से दसवीं पास अनिवार्य है। सेकेंडरी तथा सीनियर सेकेंडरी सर्टिफिकेट के माध्यम से किसी भी वोकेशनल कोर्स में एडमिशन लिया जा सकता है। ओपन स्कूल्स में प्रवेश के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर उसके सेंटर्स पर जा कर भी आवेदन पत्र भर सकते हैं। वोकेशनल कोर्सेज के लिए पूरे वर्ष एडमिशन चालू रहते हैं अभ्यर्थी किसी भी वक़्त ओपन स्कूल्स से वोकेशनल कोर्स करके सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकता है। 

प्रमुख संस्थान -
•    नेशनल स्कूल ऑफ़ ओपन स्कूलिंग, नॉएडा 
    www.nios.ac.in
•    ग्रामीण मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली
      www.gmvss.ac.in
•    राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल, जयपुर
   www.rsos.rajasthan.gov.in
•    छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर
www.cgsos.in
•    हिमाचल प्रदेश ओपन स्कूल, धरमशाला
www.hpbose.org

-प्रस्तुति : श्वेता शर्मा

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