जीवन को सरल और सात्विक बनाये

Updated on January 24, 2018
जीवन को सरल और सात्विक बनाये, Banswara "Make your life Satvik"

Banswara January 24, 2018 इंसान संसार में मनुष्य बिल्लियों तथा कुत्तो के समान लड़ने के लिए नही है ।

मनुष्यो को मनुष्य जीवन की महत्ता समझकर  सामान्य पशुओ की भाँति आचरण करना बन्द कर देना चाहिए।

मनुष्य को अपने जीवन के उद्देश्य को समझना चाहिए, और इसका निर्देश वैदिक ग्रंथो में दिया गया है,

जिसका सार वेद ग्रंथो  में मिलता है । वैदिक ग्रंथ मनुष्यों के लिए है, पशुओ के लिए नही है ।

एक पशु दूसरे पशु का वध करे तो कोई पाप नही लगता लकिन यदि मनुष्य अपनी इन्द्रियों के वशीभूत होकर स्वाद की तुष्टि के लिए पशु वध करता है , तो वह प्रकृति के नियम को तोड़ने के लिए उत्तरदायी है ।

वैदिक ग्रंथो में स्पष्ट रूप से प्रकृति के गुणों के अनुसार तीन प्रकार के कर्मो का उल्लेख है - सात्विक कर्म राजसिक कर्म तथा तामसिक कर्म ।

इसी प्रकार आहार के तीन भेद है  सात्विक आहार , राजसिक आहार, तथा तामसिक आहार ।

इन सबका विशद वर्णन हुआ है, और यदि हम हमारे वेद और उपनिषद को समझे तो कही पर इस चीज का वर्णन नही है की हम प्रकृति को नुकसान पहुचाये  हमे कभी भी प्रकृति को नुकसान नही पहुचाना चाइये क्यों की ये सब उस  परमसत्त ईश्वर की देन है,जो की हमारे जीवन में बहुत उपयोगी है ।

हमेशा सात्विक बने क्यों की सात्विकता में हमेशा अच्छे विचार का समावेश होता है जिससे जीवन में अच्छाई के मार्ग पर ही चलता है  सात्विकता और सरलता से किसी का भी दिल जीता जा सकता है सात्विक व्यक्ति हमेशा झुकना पसन्द करेगा वो अपने काम क्रोध को जित सकता है सात्विक प्रवर्ति का व्यक्ति हमेशा सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करता है   ।

तामसिक कर्म वाला व्यक्ति हमेशा अच्छाई के मार्ग पर नही चल पाता उसके जीवन में कही न कही विचारो का मतभेद रहेगा वो हमेशा अपने आप के अहंकार में डूबा रहेगा सबसे बड़ी बात तामसिक व्यक्ति अपने जीवन को अंधकारमय बना देता है  उसे किसी भी प्रकार से जीवन को उच्च स्थान पर बना नही पाता है अगर वो उच्च स्थान पर पहुच भी जाता है तो छ्ल कपट और दुष्कर्मो से ही पहुच पाता है,इस प्रवर्ति ला व्यक्ति हमेशा एकला चालो की नीति पर विश्वास करता है।

इसलिए जीवन में सरल और सात्विक बने और अपने आने वाली पीढ़ियों को सात्विकता का सन्देश देवे जिससे उनके  संस्कार  अच्छे बने और जीवन को सफल बना सके  उज्जवल बना सके

By Pawan Upadhyay



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